कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के तीखे विरोध के बीच राज्य सरकार 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की आज जयंती मना रही है. भगवा पार्टी सहित तमाम संगठन राज्य सरकार के कार्यक्रमों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच, प्रदेश बीजेपी ने मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से सवाल किया है कि वह जयंती समारोह से संबंधित कार्यक्रम में शामिल क्यों नहीं हो रहे हैं? दूसरी तरफ हरियाणा बीजेपी के नेता और राज्य के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस पर प्रहार किया है.
अनिल विज ने टीपू की जयंती को लेकर एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है, 'कांग्रेस आज लाखों हिन्दुओं के हत्यारे अपने माई बाप टीपू सुल्तान का श्राद्ध कर रही है.'
#कांग्रेस आज लाखों हिन्दुओ के हत्यारे अपने माई बाप #टीपू_सुल्तान का श्राद कर रही है ।
— ANIL VIJ MINISTER HARYANA (@anilvijminister) November 10, 2018
जयंती पर जंग के बीच मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज पूरे राज्य में टीपू सुल्तान की जयंती मनाई जा रही है. टीपू सुल्तान प्रशासनिक तौर पर प्रयोग करते रहते थे.
जयंती समारोह में शामिल नहीं होने को लेकर बीजेपी के तंज पर मुख्यमंत्री ने सफाई पेश की. उन्होंने कहा, 'डॉक्टरों ने मुझे आराम करने की सलाह दी है. इसीलिए मैं जयंती समारोहों में शामिल नहीं हो पाऊंगा. इसका दूसरा अर्थ निकालने की जरूरत नहीं है. मैं अंधविश्वास के खिलाफ हूं और जो लोग कह रहे हैं कि मैं सत्ता खोने के डर में टीपू सुल्तान की जयंती में शामिल नहीं हो रहा हूं वह बिल्कुल झूठी बात है.' कर्नाटक बीजेपी ने ट्वीट कर कुमारस्वामी की टीपू जयंती के समारोह में गैरमौजूदगी पर सवाल किए हैं.
CM @hd_kumaraswamy Missing!
While Cong-JDS govt is celebrating a tyrant Tippu, the CM himself goes into hiding, what is the point of celebrating a fanatic when CM himself abandons a govt function. Glorifying a mass murderer just for vote bank clearly shows mindset of this govt.
— BJP Karnataka (@BJP4Karnataka) November 10, 2018
बीजेपी का आरोप
असल में, शुक्रवार को बीजेपी नेता आर अशोक ने कहा था कि कुमारस्वामी टीपू जयंती में शामिल नहीं होंगे क्योंकि वे इसमें जाना नहीं चाहते. अशोक ने कहा, 'सब लोग जानते हैं कि जो टीपू जयंती में गए उनका क्या हश्र हुआ. विजय माल्या को देश छोड़कर भागना पड़ा. संजय खान का चेहरा झुलस गया और सिद्धारमैया को मैसूर से चुनाव हारना पड़ा.'
सिद्धारमैया बोले-तब कहां थे?
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बीएस येदियुरप्पा की पुरानी तस्वीरों को ट्वीट कर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने की रवायत रही है. इसमें ऐसा कुछ नहीं है कि इसमें ऐसा कुछ नहीं जिसे पिछली सरकार ने शुरू किया था. जैसे ही सत्ता में कोई पार्टी आती है, वह इस सूची में नए नामों को जोड़ती जाती है. पहले जब टीपू सुल्तान की जयंती मनाई जाती थी तब क्यों नहीं विरोध किया गया.
गौरतलब है कि बीजेपी इस आयोजन का शुरू से ही विरोध करती रही है. बीजेपी टीपू सुल्तान को कट्टर मुस्लिम शासक बताती है. बीजेपी और दक्षिणपंथी संगठनों का कहना है कि टीपू सुल्तान ने मंदिर तोड़े और बड़े पैमाने पर हिंदुओं का धर्मांतरण कराया. मगर इतिहासकार बताते हैं कि टीपू सुल्तान ऐसे भारतीय शासक था जिनकी मौत मैदान-ए-जंग में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ते-लड़ते हुई थी. साल 2014 की गणतंत्र दिवस परेड में टीपू सुल्तान को एक अदम्य साहस वाला महान योद्धा बताया गया था.