कर्नाटक में टीपू सुल्तान की जयंती को लेकर सियासत शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री का पद संभालते ही बीएस येदियुरप्पा ने टीपू जयंती पर सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगा दी. सीएम येदियुरप्पा के इस फैसले का कांग्रेस विरोध कर रही है. हुबली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.
Karnataka: Congress workers hold a protest in Hubli against Karnataka government's decision to cancel Tipu Jayanti celebrations in the state.
— ANI (@ANI)
सोमवार को मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक सरकार के कन्नड़ और संस्कृति विभाग को टीपू सुल्तान जयंती न मनाने का आदेश दिया. यह फैसला सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया. बीजेपी विधायक बोपैया ने मुख्यमंत्री बीएस. येदियुरप्पा को चिट्ठी लिख कर राज्य में टीपू जयंती के जश्न पर रोक लगाने की मांग की थी. इससे पहले कर्नाटक में जब कांग्रेस-जेडीएस की सरकार थी तो ये समारोह काफी धूमधाम से मनाया जाता था.
बता दें कि राज्य में टीपू जयंती का मुद्दा पहले से गरम रहा है और बीजेपी अक्सर इसका विरोध करती रही है. 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती हर साल 10 नवंबर को मनाई जाती है लेकिन अब जब राज्य में बीजेपी की सरकार आ गई है तो इस पर रोक का निर्णय लिया गया है.