scorecardresearch
 

यूएन में मसूद अजहर के खिलाफ भारत ने रखे थे ये 12 मजबूत तर्क...

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के बारे में भारत ने अपने ड्राफ्ट में तमाम जरूरी तर्क दिए थे. इसके बावजूद पड़ोसी देश चीन ने अपना रुख बदल लिया.

1993 में पहली बार सामने आया था मसूद अजहर 1993 में पहली बार सामने आया था मसूद अजहर

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के बारे में भारत ने अपने ड्राफ्ट में तमाम जरूरी तर्क दिए थे. इसके बावजूद पड़ोसी देश चीन ने अपना रुख बदल लिया. वीटो लगाने से पहले शायद चीन ने इस ड्राफ्ट को देखा ही नहीं हो.

यूएन में मसूद के मसले पर चीन ने खींचे हाथ
भारत ने अपने ड्राफ्ट में कई मजबूत तर्क दिए थे. इसमें बताया गया था कि पाकिस्तानी अजहर अंतरराष्ट्रीय स्तर का आतंकवादी है. भारत में पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले का भी वह मास्टर माइंड है. इसलिए यूएन अपनी अगली कार्रवाई करे. लेकिन चीन के वीटो की वजह से यूएन ने मसूद को आतंकी मानने से ही इनकार कर दिया.

इंडिया टुडे को मिले भारत की ओर से यूएन को भेजे गए ड्राफ्ट में ये अहम तर्क दिए गए थे-

1. मौलाना मसूद अजहर और उसका संगठन जैश ए मोहम्मद भारत में लगातार आतंकी गतिविधियां करता रहा है.

2. पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में मसूद अजहर और उसके भाई के शामिल होने के पर्याप्त सबूत हैं.

3. मसूद अजहर दुनियाभर में कुख्यात आतंकी संगठन अल कायदा और आईएसआईएस से जुड़ा हुआ है.

4.  इनकी मदद से वह अलकायदा, जैश ए मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन और हरकत उल मुजाहिदीन के लिए न सिर्फ हथियार बल्कि आतंकी गतिविधियों के लिए साजिश, तैयारी, आर्थिक मदद और साजिशों पर अमल करने में मदद करता है.

5.  साल 1993 में पहली बार सामने आया मसूद अजहर पाकिस्तान में रहकर दुनिया भर में आतंक फैलाने वाले वांटेड अपराधियों में शामिल है.

6.  अलकायदा और पाकिस्तान के विभिन्न आतंकी संगठनों के लिए सोमालिया के आतंकी समूहों से रकम उगाही करने से भी मसूद जुड़ा रहा है.

7.  साल 1994 में कश्मीर में आतंकी गतिविधियां चलाने के मामले में गिरफ्तार मसूद अजहर 1999 तक भारत की जेल में बंद रहा.

8.  साल 1999 में मसूद के भाई राउफ अल्वी, इब्राहिम अतहर और ब्रदर इन लॉ युसुफ अजहर ने साजिश कर काठमांडू जाने वाले विमान आईसी 814 को हाईजैक किया. फिर इसके बदले में मसूद को रिहा करवा लिया.

9. साल 2000 में मौलाना मसूद अजहर ने एक नया आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद का गठन कर पाकिस्तान में कई ट्रेनिंग कैंप लगाए.

10.  जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना के बादामी बाग कैंट पर दिसंबर 2005 में हुए आतंकी हमला, 1 अक्टुबर, 2001 को श्रीनगर में विधानसभा पर, 13 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद पर और 2 जनवरी, 2016 को पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले में मसूद अजहर का नाम शामिल रहा है.

11. भारत सरकार ने 26 मई को इसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था.

12. मसूद पर भारत में फांसी पर लटकाए गए संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के खिलाफ बदला लेने के लिए लश्कर ए तैयबा के हाफिज सईद और हुजबुल मुजाहिदीन के सैयद सलाहुद्दीन के साथ मिलकर साजिश करने का आरोप भी है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×