मुंबई में 26 नवंबर के आतंकवादी हमले के आरोपी मोहम्मद अजमल कसाब के मुकदमे की सुनवाई कर रही अदालत में आज उस समय भावनात्मक दृश्य उभरे जब अपने भाई के हत्या करने वाले बंदूकधारी के तौर पर उसकी पहचान करते हुए एक गवाह फूट फूट कर रो पड़ा.
आतंकवादी हमले की जगहों में एक कामा अस्पताल के निकट एक झोपड़ी में रहने वाला भरत वाघेला उस समय रो पड़ा जब उसने कहा कि उसने कसाब को अपने भाई की हत्या करते देखा. जज्बाती वाघेला ने कहा कि मेरे भाई के छोटे बच्चे हैं.
ढांढस रखने के लिए विशेष न्यायाधीश एम एल टाहिलियानी द्वारा कहे जाने पर वाघेला ने कहा मैंने अपनी आंखों से इस आदमी को मेरे भाई पर गोलियां चलाते देखा है. मैं कैसे भूल सकता हूं. वाघेला द्वारा पहचान किये जाने पर हालांकि कसाब ने प्रतिक्रिया नहीं की.
कामा अस्पताल की एक नर्स और एक फोटो पत्रकार ने भी गवाह के तौर पर आज कसाब की बंदूकधारियों में एक तौर पर पहचान की जो आतंकवादी हमले में शामिल था.
वाघेला ने कहा कि 26 नवंबर की रात को वह अपने घर के बाहर खड़ा होकर किसी मित्र से बात कर रहा था कि उसने दो लोगों को दूर से आते देखा जिन्होंने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. उसने कहा मैं उसके बाद अपनी झोपड़ी में भाग गया दरवाजा बंद कर लिया और अपनी मां को बताया कि क्या हो रहा है.