24 साल पहले जिस कमला रत्नम को दक्षिण भारत की पहली 'टेस्ट ट्यूब बेबी' बनने का सौभाग्य मिला था, वह अब खुद मां बन गई हैं. ऐसा भारत में पहली बार हुआ है. संयोग देखिए, कमला रत्नम को उसी डॉक्टर की देख-रेख में मां बनने का सुख मिला, जिसने कमला के माता-पिता को टेस्ट ट्यूब तकनीक के जरिए संतान का सुख दिया था.
चेन्नई के जीजी हॉस्पिटल में गुरुवार शाम 4 बजकर, 24 मिनट पर जब कमला ने बच्ची को जन्म दिया, तो वहां मौजूद सभी लोगों के चेहरे खिल उठे. इसी अस्पताल में 1 अगस्त, 1990 को बच्ची की मां, यानी कमला का जन्म हुआ था. तब कमला रत्नम दक्षिण भारत की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी बनी थीं.
मां-बेटी, दोनों को इस दुनिया में लाने का श्रेय डॉ. कमला सेल्वाराज को जाता है. कमला को यह नाम भी इसी डॉक्टर से मिला. इस बेहद खास मौके पर डॉ. कमला सेल्वाराज ने कहा, 'मैं इस वक्त दुनिया में सबसे ऊपर महसूस कर रही हूं. मैं खुश हूं कि प्रभु ने मुझे यह सौभाग्य दिया है. मुझे कमला रत्नम की मां की याद आ रही है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं.'
नवजात की मां का जन्म भी इन्हीं डॉक्टर की देख-रेख में हुआ था...
कमला रत्नम के पिता वी. राममूर्ति ने कहा, 'मुझे डर था कि कहीं मेरी बेटी को भी देर से मातृत्व सुख न मिले. पर मैं बहुत खुश हूं कि वह सही वक्त पर मां बन गई. जब मेरी पत्नी को पहली बार हमारी बेटी के बारे में गुड न्यूज मिली थी, तब वह बहुत खुश थी. पर अफसोस, वह खुशी का यह दिन देखने के लिए जीवित नहीं है. मैं तो समझता हूं कि उसी ने मेरी नातिन के रूप में फिर से जन्म लिया है.'
समाज में टेस्ट ट्यूब बेबी के बारे में आज भी कई तरह के मिथक हैं. कमला रत्नम के पति राजेश हरिहरन कहते हैं, 'व्यवहार में तो वह एक सामान्य लड़की है, वैसे वह मेधावी है.' बहरहाल, नवजात को अभी कोई नाम नहीं दिया गया है. उसका वजन 2.8 किलोग्राम है.