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संसद भवन में रूम को लेकर भिड़े टीएमसी और टीडीपी के सांसद

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) में संसद भवन में एक कमरे को लेकर विवाद छिड़ गया है और दोनों पक्ष इस कमरे पर अपना दावा कर रहे हैं. विवाद की वजह बना है, फर्स्ट फ्लोर पर स्थित रूम नंबर-5, जो पिछले कई साल से टीडीपी के पास है.

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) में संसद भवन में एक कमरे को लेकर विवाद छिड़ गया है और दोनों पक्ष इस कमरे पर अपना दावा कर रहे हैं. विवाद की वजह बना है, फर्स्ट फ्लोर पर स्थित रूम नंबर-5, जो पिछले कई साल से टीडीपी के पास है. लेकिन बीते 6 अगस्त को इसे ममता बनर्जी की पार्टी को आवंटित कर दिया गया था.

टीडीपी को संसद भवन के थर्ड फ्लोर पर एक रूम दिया गया है, हालांकि पिछले 30 साल से रूम नंबर-5 का इस्तेमाल कर रही आंध्र प्रदेश की पार्टी का इस कमरे को खाली करने का इरादा नहीं है. चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी के सदस्यों को जब सोमवार को पता चला कि उनके नेताओं की नेमप्लेट रूम के बाहर से हटा दी गई है, तो पार्टी ने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को पत्र लिखा.

मंगलवार को टीएमसी के सुदीप बंदोपाध्याय, कल्याण बनर्जी और सुल्तान अहमद कमरे में पहुंचे और उसके बाहर अपनी नेमप्लेट लगवाई. उन्होंने दोपहर करीब 2:30 बजे कमरे में कुछ देर के लिए बैठक भी की, लेकिन करीब आधे घंटे बाद टीडीपी के सांसद वहां पहुंचे और उनकी मौजूदगी में उनकी पार्टी के नेताओं वाईएस चौधरी, टी नरसिंहन और सीएम रमेश की नेमप्लेट वहां दोबारा से लगा दी गईं.

चौधरी ने कहा कि वे टीएमसी के सदस्यों के इस व्यवहार को लेकर लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे. चौधरी ने कमरे के विवाद के संबंध में कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस के असांस्कृतिक रवैये के कारण ऐसा हुआ है.’ इस घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर टीडीपी के लोकसभा सदस्य नारायण राव ने कहा, ‘हमारे पास पिछले 30 साल से यह कमरा है. कुछ नेमप्लेट हटा दी गईं. यह लोकतांत्रिक नहीं है.’

उन्होंने कहा कि पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा में 25 सांसद हैं. राव ने कहा कि सदस्यों को लोकसभा अध्यक्ष द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करना चाहिए और नेमप्लेट हटाना लोकतांत्रिक नहीं है.

लोकसभा सचिवालय में निदेशक डीएस माल्हा द्वारा जारी आवंटन पत्र में कहा गया है, कि सक्षम प्राधिकार की मंजूरी के अनुसार रूम नंबर-5 16वीं लोकसभा के कार्यकाल के लिए तृणमूल कांग्रेस को आवंटित किया गया है. पत्र में टीएमसी से कक्ष को अपने अधिकार में लेने के लिए कहा गया है.

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