अगली बार जब आप टैक्स रिटर्न भर रहे होंगे तो आपको अपनी
विदेश यात्राओं का भी हिसाब देना होगा. जुलाई में भरी जाने वाली रिटर्न में अब विदेश यात्रा और उस दौरान हुए खर्चों का भी जिक्र करना जरूरी होगा.
टैक्स अथॉरिटी ने
इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में कई बदलाव किए हैं. 2015-16 के लिए तय किए गए नियमों के तहत अब आपको विदेश यात्राओं पर हुए खर्च और विदेशी इनकम के बारे में भी जानकारी देनी होगी. इसके साथ ही देश में अपने
सभी बैंक अकाउंट की भी जानकारी देना जरूरी होगा.
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, टैक्स भरने वालों को मौजूदा समय में इस्तेमाल हो रहे हैं अकाउंट्स के साथ ही क्लोज हो चुके अकाउंट्स की जानकारी देनी होगी. इसके अलावा देश-विदेश में मौजूद कंपनियों में किए गए
इनवेस्टमेंट और ट्रस्ट में लगे पैसे का भी हिसाब देना होगा.
रिटर्न भरते समय आपको बैंक के नाम और आईएफएससी कोड के साथ,
ज्वाइंट अकाउंट की भी जानकारी देनी होगी. बता दें कि ब्लैक मनी के चलते टैक्स अथॉरिटी सतर्क हो गई है इसीलिए ज्यादा से ज्यादा जानकारियां जुटा रही है.
सरकार ने टैक्स भरने वालों के लिए कड़ी गाइडलाइन बनाई है. विदेश यात्राओं की जानकारी देते समय आपको
पासपोर्ट नंबर के साथ उस देश का भी जिक्र करना होगा जहां आप गए. आप वहां कितनी बार गए और किसके पैसे से गए यह भी बताना होगा, 14 पेज के
आईटीआर-2 फॉर्म के साथ आपको आधार कार्ड नंबर भी देना होगा.
नए नियमों पर टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि इसके चलते लोगों को रिटर्न फाइल करने में मुश्किल होने वाली है.