पिछले दो दिनों में स्वाइन फ्लू के 15 और रोगियों की मौत के साथ ही देश में इस साल इस रोग से मरने वालों की संख्या 2123 हो गई है. जबकि इस रोग से प्रभावित व्यक्तियों की संख्या करीब 35000 तक पहुंच गई है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार तक के आंकड़ों के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के कारण अभी तक 2123 लोगों की मौत हो चुकी है और 34,636 लोग इससे प्रभावित हुए हैं. इसी बीच एक रिसर्च में रविवार को खुलासा किया गया कि जनवरी और फरवरी में जयपुर के एसएमएस अस्पताल और कॉलेज में स्वाइन फ्लू से जिन लोगों की मौत हुई उनमें करीब 65 फीसदी मरीजों में जान जाने का खतरा अधिक था, क्योंकि उन्हें मधुमेह, टीबी, फेफड़े की पुरानी बीमारी जैसे अन्य रोग भी थे.
इस कॉलेज के मेडिसीन विभाग के प्रोफेसर डॉ. रमा शर्मा की अगुवाई में डॉक्टरों की एक टीम ने एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन्स ऑफ इंडिया के जर्नल के अप्रैल अंक में प्रकाशित एक शोधपत्र में यह बात कही है.
गुजरात में 426 की मौत
मंत्रालय ने कहा कि स्वाइन फ्लू से सर्वाधिक प्रभावित गुजरात में इस रोग से अपनी जान गंवाने वालों की संख्या 436 हो गई, जबकि राज्य में 6544 लोग इस रोग से प्रभावित हुए हैं. राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 426, 431 और 309 हो गई है, जबकि इसकी चपेट में क्रम से 6642, 4749 और 2233 लोग आए हैं.
कर्नाटक में स्वाइन फ्लू की वजह से 85 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2866 लोग उससे प्रभावित हुए. तेलंगाना में 77, पंजाब में 56, हरियाणा में 53, उत्तर प्रदेश में 38, पश्चिम बंगाल में 26, हिमाचल प्रदेश, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ में 23-23, जम्मू कश्मीर में 20, केरल में 14 और उत्तराखंड में 12 लोगों की जान स्वाइन फ्लू के कारण चली गई. दिल्ली में भी इस साल 12 मरीज इस बीमारी के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि इसके 4249 मामले देखे गए.
-इनपुट भाषा से