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न CAA पर रोक, न याचिकाओं पर बंदिश...10 बातों में समझें सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ

नागरिकता संशोधन एक्ट पर केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. अदालत ने इसकी प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने से मना कर दिया है और जवाब देने के लिए चार हफ्ते का वक्त दे दिया है. अगली सुनवाई में इस मसले को संविधान पीठ को देने का फैसला भी किया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट में हुई नागरिकता संशोधन एक्ट पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हुई नागरिकता संशोधन एक्ट पर सुनवाई

  • सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन एक्ट पर सुनवाई
  • केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए चार हफ्ते का वक्त
  • सुप्रीम कोर्ट का इस कानून पर तुरंत रोक से इनकार

नागरिकता संशोधन एक्ट के मुद्दे पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सर्वोच्च अदालत ने इस प्रक्रिया पर तुरंत किसी भी तरह की रोक लगाने से इनकार कर दिया है. इसके साथ ही इस मामले पर दर्ज याचिकाओं को सुनने के लिए संविधान पीठ का गठन किया जा सकता है. केंद्र सरकार को अब इस मामले पर जवाब देने के लिए चार हफ्ते का वक्त मिला है और पांचवें हफ्ते में अब चीफ जस्टिस की बेंच इस मसले को सुनेगी.

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने CAA पर कुल 144 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया. इस मसले पर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत में बुधवार को क्या हुआ, पूरी सुनवाई समझें...

1.    सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता संशोधन एक्ट के मसले को संविधान पीठ के हवाले करने के संकेत दिए हैं. अब चार हफ्ते के बाद इस मसले पर सुनवाई होगी, जिसमें पीठ का गठन किया जाएगा. चीफ जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस संजीव खन्ना ने बुधवार को इस मसले को सुना.

2.    सर्वोच्च अदालत की ओर से असम, पूर्वोत्तर और उत्तर प्रदेश से जुड़ी याचिकाओं के लिए अलग कैटेगरी बना दी है. अदालत में विकास सिंह, इंदिरा जयसिंह की ओर से अपील की गई कि असम का मसला पूरी तरह से अलग है, ऐसे में उनको जल्द से जल्द सुना जाए.

3.    असम, पूर्वोत्तर, UP से जुड़े मामलों के लिए अलग पीठ बनाई जाएगी, जो सिर्फ इनसे जुड़ी याचिकाओं को सुनेगी. केंद्र सरकार को असम से जुड़ी याचिकाओं का जवाब देने के लिए 4 हफ्ते का वक्त दिया गया है.

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4.    वकील कपिल सिब्बल की ओर से अपील की गई थी कि इस मामले को संवैधानिक पीठ को सौंपा जाए. उत्तर प्रदेश में CAA की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ऐसे में इस प्रक्रिया को तीन महीने के लिए टाल दिया जाए. अदालत ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है.

5.    सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी कि कोई हाई कोर्ट नागरिकता संशोधन एक्ट पर कोई सुनवाई ना करे. इसपर कोर्ट ने आदेश दिया है कि कोई भी हाई कोर्ट इस मसले पर सुनवाई नहीं करेगी.

पूरी कवरेज यहां क्लिक कर पढ़ें...

6.    वकीलों की ओर से अपील की गई थी कि कानून पर तुरंत रोक लगा दें, लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि इसपर सिर्फ संवैधानिक पीठ ही फैसला ले सकती है. जो कि पांच जजों की होगी.

7.    सुप्रीम कोर्ट में इस मसले पर कोई भी नई याचिका दायर की जा सकती है. केंद्र की ओर से कहा गया था कि नई याचिकाओं पर रोक लगा दी जाए.

8.    सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर तुरंत रोक लगाने से इनकार इसलिए किया है क्योंकि सभी याचिकाओं को सुना जाना है. अदालत ने कहा कि किसी एक याचिका को सुनकर तुरंत रोक नहीं लगाई जा सकती है.

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9.    आगे इस मसले की सुनवाई की क्या प्रक्रिया होगी, इसपर चीफ जस्टिस के चेंबर में मामले को सुना जाएगा. चेंबर में होने वाली सुनवाई में एक केस के लिए एक ही वकील को मौका मिलेगा.

10.    सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ कुल 141 याचिकाएं दायर की गई थीं. इसके अलावा एक याचिका इसके पक्ष में थी और एक याचिका केंद्र सरकार की ओर से दायर की गई थी.

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