सात दिन से जाम पड़े पहिये अब कभी भी रफ्तार पकड़ सकते हैं. ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का आज आठवां दिन है, लेकिन जनता की बेरुखी और सरकार की सख्ती से हड़तालियों की सांसें अब टूटने लगी हैं. पुणे, महाराष्ट्र समेत कई जगहों पर ट्रांसपोर्टरों के क्षेत्रीय संगठन पहले ही हड़ताल तोड़ने का ऐलान कर चुके हैं.
बाकी दूसरे ट्रक ऑपरेटर भी काम पर लौट आएं, इसके लिए परिवहन मंत्री टी आर बालू सोमवार को दिल्ली में सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक करने वाले हैं. बैठक में हड़ताली ट्रांसपोर्ट ऑपेरटरों के प्रतिनिधियों के भी शरीक होने की उम्मीद है.
सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट में ट्रक हड़ताल के खिलाफ एक जनहित याचिका की सुनवाई होनी है. हड़तालियों के साथ-साथ सरकार की भी इस सुनवाई पर निगाह है. अगर फैसला ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ आया तो हड़ताल के खिलाफ सरकार की सख्ती बढ़ सकती है. यानी जिस तरह सरकारी तेल कंपनियों के हड़ताली अफसरों पर सख्ती की गई, वैसी सख्ती का सामना ट्रांसपोर्टरों को भी करना पड़ सकता है.
गौरतलब है कि डीजल की कीमत दस रुपये कम करने समेत कई मांगों को लेकर पांच जनवरी से ट्रक ऑपरेटर हड़ताल पर हैं. हड़ताल की वजह से देश के कई हिस्सों में सब्जी, फल और जरूरी खाद्य पदार्थों की सप्लाई बाधित हुई है, जिसका असर कीमतों पर पड़ा है.