बेतहाशा बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार से केवल देश की आम जनता ही परेशान नहीं है. महंगाई व भ्रष्टाचार पर लगाम कसने में खुद को लाचार पा रहे देश के हुक्मरान भी कहीं-न-कहीं इन बातों से चिंतित हैं. जयपुर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के भाषण से इस बात के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं.
राज्यों में हार से मनोबल पर असर
जयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर में सोनिया गांधी ने कहा कि पार्टी के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगी है. उन्होंने माना कि राज्यों में हार से मनोबल पर असर पड़ा है. सोनिया गांधी का ऐसा कहना इस बात की ओर इशारा करता है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत भी उसे गुजरात में हार के सदमे से उबार पाने में अक्षम है. कांग्रेस इस बात से भी चिंतित नजर आ रही है कि जनता अब आंखें मूंदकर किसी भी पार्टी को अपना बेशकीमती वोट देने के मूड में नहीं है. अब का वोटर 'जात पर' न 'पांत पर', न 'किसी की बात' पर वोट देने को तैयार है. आने वाले समय में भी विकास का मुद्दा ही वोटरों को कारगर तरीके से लुभा पाएगा.
गुटबाजी खत्म करने की अपील
चिंतन शिविर में सोनिया गांधी ने पार्टी के नेताओं से अपील की कि वे गुटबाजी खत्म करके एकजुटता से काम लें. उन्होंने कांग्रेस पार्टी व यूपीए के अन्य घटकों में बेहतर तालमेल की जरूरत बताई. जाहिर है सोनिया गांधी अपनी पार्टी को हर तरीके से उन चुनौतियों के लिए तैयार कर रही हैं, जो आगामी विधानसभाओं व लोकसभा चुनाव में उन्हें विपक्ष से मिलने की संभावना है.