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येचुरी बोले- राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा, बीजेपी के लिए वॉटरलू साबित होगा त्रिपुरा

येचुरी ने कहा, 'बीजेपी ने अब त्रिपुरा को अपना लक्ष्य बनाया है और त्रिपुरा की सत्ता पर काबिज होने के लिए हिंसा कराने और धनबल का इस्तेमाल करने सहित सभी तरीके अपना रही है. हम उनसे मुकाबले के लिए तैयार हैं. 60 विधानसभा क्षेत्रों में 60 लड़ाइयां होंगी.'

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सीताराम येचुरी
सीताराम येचुरी

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने रविवार को कहा कि वह राज्यसभा सदस्यता के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने बताया, 'हमारी पार्टी में एक नियम है कि पार्टी का कोई सदस्य तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं लड़ेगा और मुझे इस नियम का पालन करना है. मैंने यह बात पहले भी कही है. येचुरी और पार्टी पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात यहां पार्टी की राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए आए हैं.

बैठक शनिवार से शुरू हुई. अगले साल फरवरी में त्रिपुरा में होने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीतियों पर भी बैठक में चर्चा हुई. येचुरी ने कहा, 'बीजेपी ने अब त्रिपुरा को अपना लक्ष्य बनाया है और त्रिपुरा की सत्ता पर काबिज होने के लिए हिंसा कराने और धनबल का इस्तेमाल करने सहित सभी तरीके अपना रही है. हम उनसे मुकाबले के लिए तैयार हैं. 60 विधानसभा क्षेत्रों में 60 लड़ाइयां होंगी.'

उन्होंने कहा कि बीजेपी और अमित शाह के लिए यह वॉटरलू साबित होगा. हमारी जीत को लेकर हमें कोई शक नहीं है. येचुरी ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के तीन साल के कार्यकाल को नाकामी के तीन साल करार दिया.

माकपा नेता ने कहा, 'एनडीए सरकार ने उम्मीद जगाई कि अच्छे दिन आएंगे और हर साल दो करोड़ नौकरियों की पेशकश की जाएगी. साल 2015 में सिर्फ 1.35 लाख नौकरियां और 2016 में 2.30 लाख नौकरियां दी गईं और इस साल के आंकड़े तो आने ही बाकी हैं. हर साल कर्ज के बोझ से दबे 12,000 किसान खुदकुशी करते हैं, लेकिन उन्हें कोई समर्थन मूल्य नहीं दिया जाता. येचुरी ने पूछा, कामयाबी कहां है? सरकार को नाकामी के तीन साल मनाना चाहिए.

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