अपने घर का इंतजार कर रहे निवेशकों की रकम न लौटाने वाली रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कड़ा संदेश दिया. सर्वोच्च अदालत ने सुपरटेक से कहा, ' उसे इसकी चिंता नहीं है कि कंपनी ‘डूबे या मरे’ उसे निवेशकों का पैसा लौटाना होगा.'
जानें मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई में क्या-क्या हुआ...
1. 4 हफ्ते में हो बकाया का भुगतान
शीर्ष अदालत ने सुपरेटक को फ्लैट खरीदने वाले 17 लोगों को 5 पांच जनवरी 2015 से निवेश राशि का 10 फीसदी मासिक देने का निर्देश दिया और इसका भुगतान चार सप्ताह के भीतर करने को कहा. इन 17
खरीददारों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.
2. अगली सुनवाई पर पेमेंट का चार्ट दिखाया जाए
न्यायालय ने कहा कि सुपरटेक चार सप्ताह में बकाए का भुगतान करे, जो एडजस्ट हो सकता है. साथ ही सुपरटेक से अगली सुनवाई की तारीख को इन 17 खरीदारों को किए गए भुगतान का चार्ट देने को कहा.
3. सुपरटेक की सफाई- सभी खरीददार हमारे खिलाफ नहीं
सुपरटेक के वकील राजीव धवन ने कहा कि शीर्ष अदालत बैंक अधिकारी की तरह कदम नहीं उठा सकती और उसे समानता के सिद्धांत का पालन करना है. उन्होंने कहा, ‘सभी मकान खरीददार हमारे खिलाफ नहीं है और
कुछ ने तो कंपनी का समर्थन किया तथा हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील की है.’
4. कहा- हमारे और यूनिटेक के मामले में फर्क
सुपरटेक के वकील ने कहा, ‘हमारे और यूनिटेक के मामले में फर्क है. उनके पास इमारत नहीं है जबकि हमारे पास इमारत है और हमारे पास जो फंड था उसे निवेश किया गया. उसका इस्तेमाल ढांचा तैयार करने में
किया गया.’
5. 628 में से 108 खरीददारों ने पैसा वापस मांगा
वकील राजीव धवन ने कहा कि कुल 628 लोग कंपनी के पास आए. इसमें से 274 ने वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की, 74 ने फिर से निवेश की बात की जबकि 108 ने पैसा वापस मांगा.
6. सभी निवेशकों की रकम क्यों नहीं लौटाते
इस पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने पूछा कि आखिर सुपरटेक सभी निवेशकों का पैसा लौटा क्यों नहीं रही है?
7. जिन्होंने समय पर आवेदन किया, सिर्फ उन्हें वापस मिलेगी रकम
धवन ने कोर्ट से कहा कि अदालत का आदेश था. जिन लोगों ने समय पर आवेदन किया, सिर्फ उन्हें पैसा वापस मिलेगा और उन्हें वापस किया जा रहा है.
8. खरीददारों ने खारिज किया सुपरटेक का दावा
फ्लैट खरीदने वाले लोगों के वकीलों ने सुपरटेक के दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें समय पर पैसा नहीं मिल रहा है.
9. NBCC से मांगी गई 25 अक्टूबर तक रिपोर्ट
शीर्ष अदालत ने नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) से सुपरटेक के एमारल्ड टावर्स की जांच करने के बाद 25 अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट देने को कहा.
10. NBCC को दिए ये निर्देश
एनबीसीसी से यह पता लगाने को कहा गया है कि क्या दो 40 मंजिलों वाली इमारतें पहले से अप्रूव्ड प्लान का उल्लंघन कर ग्रीन एरिया में बनाई गई.