शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने अरब सागर में छत्रपति शिवाजी महाराज के 350 करोड़ रुपये लागत के प्रस्तावित स्मारक को मूखर्ता करार दिया और इसे चुनावी तिकड़म बताया.
ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में एक साक्षात्कार में कहा कि यह मूखर्ता है. गेटवे ऑफ इंडिया के पास शिवाजी का एक और स्मारक है तो इसकी जरूरत नहीं है. 83 वर्षीय ठाकरे से जब पूछा गया कि क्या स्मारक का मकसद 13 अक्तूबर को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मतदाताओं को रिझाना है तो उन्होंने कहा कि ‘हां बिलकुल’. उन्होंने कहा कि इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने चुनाव की पूर्वसंध्या पर किसानों के लिए मुफ्त बिजली की घोषणा की थी लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया. जहां तक शिवाजी स्मारक की बात है, इसमें भी ऐसा ही होगा.
भाजपा नेताओं गोपीनाथ मुंडे और नितिन गड़करी के बीच अनबन पर ठाकरे ने कहा कि उनके रिश्ते के बारे में मुझसे नहीं पूछें. पड़ोसी की पत्नी के बारे में मुझसे नहीं पूछें. ठाकरे ने विश्वास जताया कि शिवसेना-भाजपा गठबंधन कांग्रेस-राकांपा गठजोड़ से सत्ता हासिल कर लेगा. उन्होंने कहा कि वह 13 अक्तूबर को विधानसभा चुनाव जीतने के बाद एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगे.