स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है. बैंक ने मिनिमम अकाउंट बैलेंस (MAB) के नियमों में फेरबदल किया है. ये नियम 1 अक्टूबर 2017 से लागू हो जाएंगे. बैंक की इस राहत का 5 करोड़ खाताधारकों को लाभ पहुंचेगा.
नए नियमों के तहत बैंक ने मेट्रो सेंटर्स में मिनिमम अकाउंट बैलेंस की लिमिट 5 हजार रुपए से घटाकर 3 हजार कर दी है. जबकि अर्बन, सेमी-अर्बन और रुरल सेंटर्स की लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
The Monthly Average Balance (MAB) in Savings Bank Accounts to be revised w.e.f. 01/10/2017. For more details visit: https://t.co/lGxM6RRO37 pic.twitter.com/YeM9VPHL2T
— State Bank of India (@TheOfficialSBI) September 25, 2017
मासिक चार्ज भी किया कम
मेट्रो और अर्बन सेंटर्स कैटेगरी में मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाले चार्ज भी 20-50 फीसदी तक कम कर दिए गए हैं. अब मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर हर महीने मेट्रो सेंटर्स में 50 रुपए और अर्बन सेंटर्स में 30 रुपए का चार्ज लगेगा. वहीं सेमी-अरबन और रूरल सेंटर्स पर हर महीने अब 20 से 40 रुपए के बीच चार्ज लगाया जाएगा.
बैंक ने बताया कि मौजूदा वक्त में उसके 42 करोड़ सेविंग अकाउंट होल्डर्स हैं. इनमें से प्रधानमंत्री जनधन योजना और दूसरी लाभकारी योजना पाने वाले 13 करोड़ खाताधारकों को पहले से ही छूट दी गई है. ये वो खाताधारक हैं, जिनके अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न होने के बावजूद भी उन्हें मासिक चार्ज नहीं देना होता.
The below categories of Savings Bank Accounts are excluded from MAB requirement w.e.f. 01/10/2017. More: https://t.co/lGxM6S9prH pic.twitter.com/PPLoTyHUJF
— State Bank of India (@TheOfficialSBI) September 25, 2017
मेट्रो सेंटर्स में फिलहाल मिनिमम अकाउंट बैलेंस की लिमिट 5 हजार है. जबकि अर्बन में 3 हजार, सेमी-अर्बन में 2 हजार और रुरल सेंटर्स में 1 हजार का बैलेंस जरूर रखना होता है. ऐसा न होने पर हर महीने चार्ज लगता है. मेट्रो और अर्बन सेंटर्स में अब चार्ज से बचने के लिए कम से कम 3 हजार रुपए रखना होगा.