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रेलवे डेटा के बेहतरीन इस्तेमाल के लिए गोल मेज सम्मेलन...

भारतीय रेलवे में हर दिन 1 करोड़ 30 लाख यात्री सफर करते हैं. इन यात्रियों में से एक बड़ी संख्या ऐसे यात्रियों की होती है जो ऑनलाइन टिकट बुक कराते हैं. रेलवे में इतनी भारी संख्या में आ रहे यात्रियों के बारे में तमाम डेटा जेनरेट होता है. इसी विचार के साथ रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने भारतीय रेलवे के लिए डाटा विश्लेषण विषय पर गोल मेज सम्मेलन का उद्घाटन किया.

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सुरेश प्रभु
सुरेश प्रभु

भारतीय रेलवे में हर दिन 1 करोड़ 30 लाख यात्री सफर करते हैं. इन यात्रियों में से एक बड़ी संख्या ऐसे यात्रियों की होती है जो ऑनलाइन टिकट बुक कराते हैं. रेलवे में इतनी भारी संख्या में आ रहे यात्रियों के बारे में तमाम डेटा जेनरेट होता है. इस डेटा विश्लेषण का रेलवे अगर सही तरीके से इस्तेमाल करे तो रेलवे की तस्वीर बदल सकती है. इसी विचार के साथ रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने भारतीय रेलवे के लिए डाटा विश्लेषण विषय पर गोल मेज सम्मेलन का उद्घाटन किया. इस गोलमेज सम्मेलन में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ए.के. मित्तल, रेलवे बोर्ड के अन्य सदस्य और उद्योग जगत के कई चेहरे मौजूद रहे.

इस अवसर पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि भारतीय रेलवे से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार करने के लिए गोल मेज सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे में कॉमर्शियल और रेलगाड़ी की आवाजाही को पूरा करने के लिए डाटा बिल्डिंग महत्वपूर्ण है. भारतीय रेलवे के कार्यक्रमों को बेहतर बनाने के लिए डाटा विश्लेषण का अध्ययन, विश्लेषण और उसकी निगरानी की जानी चाहिए. तकनीक लगातार विकसित हो रही है.
ऐसे में डाटा विश्लेषण के मामले में हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है और यह समय की मांग भी है. उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे भारत के विकास का इंजन होगा. डाटा विश्लेषण एक ऐसी प्रणाली विकसित करने में मदद कर सकता है जो भारतीय रेलवे को व्यापक स्तर पर फायदा दे सके. भारतीय रेलवे दुनियाभर में सबसे बड़ा डाटा जेनरेटर है और इसे बड़े स्तर पर संभालना होगा. डाटा विश्लेषण भविष्य में आगे बढ़ने में मददगार होगा. उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे में प्राइवेसी का ख्याल रखा जाएगा.

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भारतीय रेलवे पिछले तीन दशकों से तकनीक का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल कर रहा है. परिणामस्वरूप रेलवे की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न पक्षों में बड़ी मात्रा में रेलवे के पास डाटा उपलब्ध है. इसमें यात्री टिकटिंग, माल ढुलाई परिचालन, क्रू प्रबंधन, ट्रैक रख- रखाव, रॉलिंग स्टॉक रख-रखाव (लोकोमोटिव), रॉलिंग स्टॉक रख-रखाव (वैगन और कोच), व्यय लेखा आदि शामिल हैं.
प्रभावी रणनीतिक और कूटनीतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में प्रबंधन की सहायता करने के क्रम में भारतीय रेलवे ने विभिन्न सांख्यिकीय एवं सॉफ्टवेयर उपकरणों का उपयोग कर डाटा के विश्लेषण के लिए डाटा विश्लेषण करने का निर्णय लिया है. डेटा विश्लेषण सेवाओं की कीमत, विभिन्न मार्गों पर ट्रेन संचालन, सक्रिय सुरक्षा उपायों और आपदा प्रबंधन, विफलताओं से बचने के लिए परिसंपत्तियों के अनुमानित रखरखाव का निर्धारण करने में रेलवे की मदद कर सकता है.

पीआरएस के पास रेलों का डेटा, कमाई, गाड़ियों का उपयोग, श्रेणीवार इस्तेमाल, प्रतीक्षा सूची और यात्री की जानकारी आदि डाटा है, जोकि ई-टिकटिंग प्रणाली पर भी उपलब्ध है. यात्रियों को अभिनव उत्पाद उपलब्ध कराने में मदद करने के लिए इस विशाल डाटा का विश्लेषण किया जा सकता है, ताकि अधिभोग में सुधार हो और यात्री शत प्रतिशत निर्धारित स्थान पा सकें. माल परिचालन सूचना प्रणाली के पास विभिन्न मार्गों पर यातायात, परिवहन में लगने वाला समय, रेलवे के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान आदान-प्रदान किए जाने वाले उत्पाद, ग्राहक, यातायात की विभिन्न धाराओं में कीमत संवेदनशीलता आदि से संबंधित डेटा उपलब्ध है.

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