कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने राफेल एयरक्राफ्ट खरीद में मोदी सरकार पर घोटाले का आरोप लगाया है. सुरजेवाला का कहना है कि राफेल खरीद में कोई पारदर्शिता नहीं है.
सुरजेवाला के मुताबिक, मोदी सरकार इस सौदे से राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है. उन्होंने दावा किया कि है जबकि सौदा 1571 करोड़ का हुआ है.
रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 20 अगस्त 2007 में 126 लड़ाकू एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए नोटिस जारी की गई थी. इस डील के लिए दो कंपनियां सामने आईं. जिनमें से राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट का चयन किया गया था. सौदे की यह शर्त थी कि 18 फ्रांस में बनेंगे और कंपनी की मदद से 108 एयरक्राफ्ट भारत मे बनेगें.
लेकिन प्रधानमंत्री के दौरान 36 एयरक्राफ्ट सीधे तौर पर फ्रांस से खरीदने की घोषणा कर दी. सुरजेवाला ने सवाल उठाए कि लड़ाकू जहाजों को महंगी कीमत पर क्यों खरीदा गया और सरकार राफेल की तकनीक को ट्रान्सफर करने के पक्ष में क्यों नहीं है. सरकार हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के हित को दरकिनार कर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचा रही है. इसके अलावा सुरजेवाला ने दसॉल्ट राफेल और रिलायंस के बीच हुए समझौते में प्रक्रियाओं का पालन ना होने की बात भी कही है.