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राजनाथ रविवार से बहरीन दौरे पर, आतंकवाद और मानव तस्करी जैसे मुद्दे पर होगी बात

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह रविवार से तीन दिवसीय बहरीन के दौरे पर रहेंगे. 23 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल में गृह और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.

राजनाथ सिंह राजनाथ सिंह

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह रविवार से तीन दिवसीय बहरीन के दौरे पर रहेंगे. 23 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल में गृह और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. इस दौरे के दौरान राजनाथ बहरीन के गृहमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और वहां भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों से बातचीत करेंगे.

बहरीन के शीर्ष नेतृत्व के साथ राजनाथ सीमा पार से भारत में आतंकवाद और आतंकवाद रोधी सहयोग के मुद्दों पर चर्चा भी चर्चा करेंगे. भारत और बहरीन मानव तस्‍करी रोकने और पीड़ितों को बचाने और उनकी स्‍वदेश वापसी अधिक सहयोग के लिए कदम उठाने पर सहमत पहले से ही हैं इस पूरे दौरे में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह एक बार फिर मानव तस्करी के तमाम पहलुओं पर चर्चा करेंगे.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह की बहरीन यात्रा के दौरान सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर किए जाने की संभावना है. पिछले साल जैसे भारत और बांग्‍लादेश के बीच तस्‍करी रोधी संधि हुई थी, उसी तर्ज पर ये कदम उठा सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र नशीली दवाओं और अपराध कार्यालय के अनुसार विश्‍व में दक्षिण पूर्व एशिया के बाद, दक्षिण एशिया में मानव तस्करी सबसे तेजी से बढ़ रही है और यह मानव तस्‍करी का दूसरा बड़ा क्षेत्र है, जिसका केंद्र भारत है.

दक्षिण एशिया में हर साल डेढ़ लाख से अधिक लोगों की तस्‍करी की जाती है, लेकिन यह कारोबार दबे-छुपे होता है और वास्‍तविक आंकड़े इससे काफी अधिक हो सकते हैं. भारत और बहरीन के बीच मानव तस्‍करी से रोक, बचाव, बरामदगी और स्‍वदेश वापसी खासतौर से महिलाओं और बच्‍चों से जुड़े मामलों में तेजी से जांच में द्वीपक्षीय सहयोग बढ़ाने को लेकर भी आने वाले समय में तेजी आएगा. भारत मानव तस्‍करी रोकने के लिए इसी प्रकार के समझौते अन्‍य खाड़ी देशों और नेपाल के साथ भी करना चाहता है.

बहरीन के लिए भारत मानव तस्‍करी का अहम स्रोत है. आमतौर पर दक्षिण एशिया से लोग बहरीन और अन्‍य खाड़ी देशों में घरेलू नौकर के तौर पर या निर्माण और अतिथि सत्‍कार क्षेत्र में काम करने के लिये स्‍वेच्‍छा से जाते हैं. अच्‍छे वेतन और काम करने के लिए बेहतर वातावरण के वायदे के बावजूद बहरीन पहुंचने पर कुछ लोगों को जबरन मजदूरी करनी पड़ती है, क्‍योंकि उनके पासपोर्ट दबा लिए जाते हैं, उनके बाहर आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है, उन्‍हें वेतन नहीं दिया जाता है, उन्‍हें धमकियां दी जाती है और वे शारीरिक या दुष्‍कर्म के शिकार होते हैं.

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