रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को देश में अपनी तरह की पहली मोबाइल वायरोलॉजी रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक्स लेबोरेटरी (एमवीआरडीएल) का उद्घाटन किया. कोरोना की जांच के लिए देश में ऐसी पहली लैब तैयार की गई है जिसे रक्षा से जुड़े रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बनाया है.
देश में कोरोना के संक्रमण की तेजी को देखते हुए डीआरडीओ ने इसका निर्माण किया है. कोविड-19 की स्क्रीनिंग और इस पर रिसर्च हो सके, इसके लिए यह लैब तैयार की गई है. इस मोबाइल लैब की खासियत यह है कि हर दिन इसमें 1-2 हजार सैंपल की जांच की जा सकेगी.
Defence Minister @rajnathsingh inaugurates Mobile Laboratory to test #COVID19 samples developed by @DRDO_India
The lab has been set up in a record time of 15 days and can process more than 1,000 samples in a day
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— PIB India #StayHome #StaySafe (@PIB_India) April 23, 2020
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लैब का उद्घाटन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोविड-19 को रोकने के लिए समय पर कई फैसले लिए गए जिसके कारण देश में आज स्थिति अन्य देशों की तुलना में बेहतर है. उन्होंने डीआरडीओ की इस बात के लिए काफी तारीफ की कि महज 15 दिन में बायो सेफ्टी लेवल 2 और लेवल 3 के लैब की शुरुआत कर दी गई है. ऐसी लैब तैयार करने में अमूमन छह माह का वक्त लगता है लेकिन कोरोना की गंभीर स्थिति को देखते हुए इसे 15 दिन में ही बना लिया गया है.
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लैब की लॉन्चिंग पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की सेना कोरोना जैसी संकट की स्थिति में कई कार्यों को अंजाम दे रही है. जिसमें क्वारनटीन सेंटर के संचालन से लेकर लोगों को हेल्थकेयर की सुविधा मुहैया कराने, भारतीय लोगों को विदेशों से निकालने और फंसे लोगों को समय पर मदद पहुंचाने जैसे कई काम शामिल हैं.
लॉन्चिंग के इस कार्यक्रम में राजनाथ सिंह के अलावा गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी, श्रम राज्यमंत्री संतोष गंगवार, तेलंगाना के आईटी इंडस्ट्री मंत्री केटी रामाराव, तेलंगाना सरकार में मंत्री मल्ला रेड्डी सहित डीआरडीओ के सचिव जी सतीश रेड्डी भी शामिल थे.
कोविड की जांच के लिए देश में यह अपनी तरह की पहली लैब है जिसे हैदराबाद डीआरडीओ की संस्था रिसर्च सेंटर इमेरेट (आरसीआई) ने बनाई है. इस लैब को आईसीएमआर और विश्व स्वास्थ्य संगठन की बायोसेफ्टी स्टैंडर्ड को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. यह लैब इलेक्ट्रिकल कंट्रोल, टेलीफोन केबल और सीसीटीवी से लैस है.
यह लैब कोविड की जांच तो करेगी ही, साथ में ड्रग स्क्रीनिंग के लिए वायरस का कल्चर भी किया जाएगा ताकि दवा बनाने में कोई कारगर उपाय पता चल सके. लैब में हर दिन 1 हजार से 2 हजार लोगों तक जांच की जा सकेगी. अच्छी बात यह है कि इसे जरूरत के हिसाब से देश के किसी कोने में ले जाया जा सकता है.