महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों को देखते हुए एमएनएस नेता राज ठाकरे ने नया दांव खेला है. अब वो कह रहे हैं कि ना तो उन्हं एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन से परहेज है और ना शिवसेना-बीजेपी गठबंधन से.
राज ने फेंका सशर्त समर्थन का पत्ता
विधानसभा चुनाव में पहली बार किस्मत आजमा रहे राज ठाकरे ने शर्तों के साथ समर्थन का पत्ता फेंका है. राजनीतिक हल्कों में इसके मतलब निकाले जा रहे हैं. लोकसभा चुनाव में राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस ने शिवसेना-बीजेपी गठबंधन का अच्छा खासा वोट काटने की ताकत दिखा दी थी और इसलिए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए उसके हौसले कुछ ज्यादा बुलंद हैं. लेकिन राज ठाकरे ने चुनाव से ठीक पहले किसी भी गठबंधन को सशर्त समर्थन देने का दांव फेंककर सबको हैरान कर दिया है.
शर्तों का खुलासा नहीं
हलांकि राज ने अपनी शर्तों के पत्ते अभी नहीं खोले हैं लेकिन इतना साफ है कि राज को ना तो कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन से परहेज है औऱ ना ही शिवसेना-बीजेपी गठबंधन से. हो सकता है कि राज ने शर्त की बात छेड़कर सिर्फ मराठी मानुष को रिझाने का नया दांव खेला हो लेकिन महाराष्ट्र के सियासी हल्कों में राज के बयान के दूरगामी मतलब भी ढूंढे जाने लगे हैं.