देशभर में रेलवे के सभी आरक्षण केंद्रों पर 1 दिसंबर से भीम ऐप के जरिए टिकट का भुगतान लेने की व्यवस्था की जा रही है. मोदी सरकार के कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के अभियान की दिशा में रेल मंत्रालय का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
रेलवे बोर्ड के मेंबर ट्रैफिक मोहम्मद जमशेद ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि देशभर के 3000 से ज्यादा रेलवे आरक्षण केंद्र यानी पीआरएस काउंटर्स पर भीम ऐप के जरिए शुरु की जा रही है. गौरतलब है कैशलेस मनी ट्रांसफर के लिए भीम एक सरकारी है थे और इसके इस्तेमाल में अनावश्यक शुल्क नहीं लिया जाता है.
मेंबर ट्रैफिक मोहम्मद जमशेद ने बताया कि भारत में रोजाना तकरीबन 1500000 आरक्षित टिकट बुक कराए जाते हैं. इन रेल टिकटों में से तकरीबन 600000 टिकट पीआरएस काउंटर्स पर बुक किए जाते हैं इन सभी काउंटर्स पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिए पैसे का भुगतान करने की व्यवस्था है लेकिन यहां पर ही भुगतान करते हैं. ऐसे में रेलवे ने भीम ऐप का सहारा लेने की कवायद शुरू की है. मोहम्मद जमशेद के मुताबिक इस ऐप के जरिए पीआरएस काउंटर पर कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिलेगा पीआरएस काउंटर पर भीम ऐप के जरिए छोटी रकम के साथ-साथ बड़ी रकम का भुगतान करना भी काफी सुविधाजनक और सुरक्षित होगा.
रेलवे ने कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए टिकट खरीदने के बाद पैसे ट्रांसफर करने की व्यवस्था पर अगले 3 महीने तक कोई अतिरिक्त शुल्क ना लगाने का फैसला किया है. इस दौरान रेल मंत्रालय कैशलेस ट्रांजेक्शन पर लोगों के रिस्पांस पर पैनी नजर रखेगा और अगर इस वजह से कैशलेस ट्रांजैक्शन में तेज बढ़ोतरी होती है तो इसको आगे भी जारी रखा जाएगा. गौरतलब है कि रोजाना भारतीय रेलवे में पूरे देश में में किया जाता है. इस रकम में से 30 करोड़ रुपए की कीमत की आरक्षित टिकट की खरीददारी आरक्षण केंद्रों पर होती है और बाकी टिकट इंटरनेट के जरिए बुक कराए जाते हैं. आरक्षित केंद्रों में 97 फीसदी टिकटों का भुगतान नगद में किया जाता है. ऐसे में रेलवे को यह उम्मीद है की भीम ऐप का प्रयोग कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देगा.