विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार द्वारा रेल किरायों में की गई वृद्धि की निंदा की है. इन दलों का कहना है कि यह वृद्धि न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण, बल्कि अस्वीकार्य भी है.
रेल किराए में हुई वृद्धि पर पूर्व रेल मंत्री व तृणमूल कांग्रेस के नेता मुकुल रॉय ने कहा, 'रेलवे के राजस्व को बढ़ाने के अन्य तरीके भी हैं, लेकिन उपायों पर न जाकर सरकार ने कोष बढ़ाने का आसान तरीका अपनाया. इससे आम जन पर बोझ बढ़ेगा.'
सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए रॉय ने कहा, 'वे जानते हैं कि संसद में उनके पास संख्या नहीं है, इसलिए संसद को नजरअंदाज कर बजट से पहले उन्होंने रेल किराए में बढ़ोत्तरी की. यह आम लोगों के हितों के खिलाफ है. रेलवे आम आदमी के लिए परिवहन का सबसे लोकप्रिय माध्यम है.'
रेल मंत्री पवन कुमार बंसल पर निशाना साधते हुए तृणमूल नेता सौगत रॉय ने कहा, 'पवन बंसल ने सीधा रास्ता अपनाया. यात्री किराए में वृद्धि ही रास्ता नहीं है. सरकार ने सभी श्रेणियों के किराए में वृद्धि की है. उन्होंने मध्मम और निचले वर्ग को कोई राहत नहीं दी. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.'