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सफल, सुखद और मंगलमय हुई रेल यात्रा, पटरी पर हादसे और हताहतों की संख्या घटी

ट्रेन हादसों को रोकने के लिए उठाए गए रेलवे के कदमों का असर अब दिखने लगा है. केंद्र सरकार ने लोकसभा में कहा है कि साल 2019-20 में अभी तक महज दो रेल दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें सिर्फ चार लोग ही हताहत हुए हैं. इस तरह से पिछले साल की तुलना में इस साल रेल हादसों में काफी कमी आई है.

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रेल हादसों में आई कमी
रेल हादसों में आई कमी

  • ट्रेन हादसों में आई कमी, इस साल महज 2 रेल दुर्घटना
  • पीयूष गोयल ने संसद में दिया रेल हादसों का आंकड़ा

ट्रेन हादसों को रोकने के लिए उठाए गए रेलवे के कदमों का असर अब दिखने लगा है. साल दर साल रेल दुर्घटनाओं में काफी कमी देखने को मिली है. केंद्र सरकार ने लोकसभा में कहा है कि साल 2019-20 में अभी तक महज दो रेल दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें सिर्फ चार लोग ही हताहत हुए हैं. इस तरह से पिछले साल की तुलना में इस साल रेल हादसों में काफी कमी आई है. ऐसे में सफल, सुखद और मंगलमय यात्रा का संदेश देने वाली भारतीय रेल अपनी सही दिशा में बढ़ रही है.

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लोकसभा सदस्य नामा नागेश्वर राव के रेल दुर्घटनाओं की रोकथाम के संबंध में पूछे गए सवाल का संसद में लिखित जवाब दिया. पीयूष गोयल ने बताया कि साल 2019-20 में एक ट्रेन की टक्कर हुई है, जिमें तीन लोगों की मौत हुई थी. जबकि, एक हादसा चौकीदार वाली क्रॉसिंग पर हुई है, जिसमें एक शख्स हताहत हुआ है. इस तरह 2019-20 में महज दो हादसे हुए हैं, जिनमें चार लोगों की मौत हुई है.

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2018-19 में 11 रेल हादसे में 37 लोगों की मौत

रेल मंत्री ने बताया कि 2018-19 के दौरान कुल 11 रेल दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें  37 लोगों की जान गई है. इनमें से 2 हादसे रेलों के पटरी से उतरने से हुए, जिनमें 13 लोगों की जान गई. 3 हादसे चौकीदार वाली क्रॉसिंग पर हुए हैं, जिनमें 4 लोग की जान गई. जबकि, 3 हादसे बिना चौकीदार वाली क्रॉसिंग पर हुए हैं, जिनमें 16 लोग की जान गई है. इसके अलावा 2 हादसे गाड़ी में आग लगने से हुए हैं, जिनमें 3 लोगों की मौत हुई है और 1 अन्य तरह की दुर्घटना थी और एक शख्स की मौत हुई थी.

2017-18 में 15 रेल हादसे में 58 लोग की मौत

उन्होंने आगे बताया कि 2017-18 में कुल 15 रेल हादसे हुए, जिनमें 58 लोगों की जान गई थी. इनमें से 2 रेलों के पटरी से उतरने से हादसे हुए, जिनमें 29 लोगों की जान गई. 3 हादसे चौकीदार वाली क्रॉसिंग पर हुए हैं, जिनमें 3 लोग की जान गई. जबकि, 10 हादसे बिना चौकीदार वाली क्रॉसिंग पर हुए, जिनमें 26 लोग की जान गई. बता दें कि साल 2013-14 में 118 रेल हादसे हुए और 2016-17 में 104 हादसे हुए.

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