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J-K: आतंकियों ने शोपियां में सेब व्यापारियों को मारी गोली, एक की मौत

जम्मू और कश्मीर के शोपियां में आतंकियों ने पंजाब के दो सेब व्यापारियों को गोली मार दी. इसमें से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल है. मृतक का नाम चरणजीत है, जबकि घायल व्यापारी का नाम संजीव है. इसके अलावा बुधवार को ही आतंकियों ने पुलवामा में भी एक मजदूर को गोली मारी.

सांकेतिक तस्वीर (Courtesy- PTI) सांकेतिक तस्वीर (Courtesy- PTI)

  • आतंकी हमले में मारे गए मजदूर का नाम है चरणजीत
  • पुलवामा में भी आतंकियों ने मजदूर को बनाया निशाना

जम्मू और कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से बौखलाए आतंकी सेब व्यापारियों को निशाना बना रहे हैं. मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के ट्रेंज गांव के पास पाकिस्तानी आतंकियों ने दो फल मजदूरों को निशाना बनाया. ये मजदूर स्थानीय नहीं थे. इस आतंकी हमले में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया. मारे गए मजदूर की पहचान चरणजीत के रूप में हुई है. घायल मजदूर का नाम संजीव है, उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इसके अलावा बुधवार को ही आतंकियों ने पुलवामा में भी एक मजदूर को गोली मारी. उधर, बुधवार को शोपियां के पड़ोसी ​जिले अनंतनाग में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैय्यबा के तीन आतंकियों को मार गिराया. कश्मीर में यह सेब के फलों का सीजन है. ऐसे में आतंकी सेब के बागान में काम करने वालों को निशाना बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.

इससे पहले 14 अक्टूबर को आतंकियों ने श्रीमल में एक ट्रक को निशाना बनाया था, जिसमें ट्रक ड्राइवर शरीफ खान मारा गया था और आतंकियों ने बागान के मालिक को भी पीटा था. उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में भी आतंकी फल बेचने वाले एक परिवार को निशाना बना चुके हैं.

सूत्रों का कहना है कि 5 अगस्त के पहले फलों के व्यवसाय से जुड़े लोगों पर आतंकी हमले की बात सुनने में नहीं आती थी. यहां तक कि मिलिटेंसी के चरम दौर में भी ऐसा नहीं था. लेकिन केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद चीजें बदल गई हैं. अब आतंकी आर्थिक रूप से भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा, 'आतंकियों की इस करतूत के प्रति लोगों में नाराजगी है, क्योंकि यह उनके व्यवसाय और आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है.' एक आला पुलिस अधिकारी ने कहा कि इन घटनाओं के साथ सुरक्षा बलों तक ज्यादा सूचनाएं पहुंचेंगी और नतीजतन और ज्यादा मुठभेड़ की घटनाएं सामने आ सकती हैं.

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