राष्ट्रपति भवन में सोमवार को सुरक्षाबलों के जांबाज जवानों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शांति काल के वीरता के पुरस्कारों से सम्मानित किया. राष्ट्रपति ने शांति काल में दिए जाने वाले दूसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से शहीद प्रमोद कुमार को सम्मानित किया. मरणोपरांत उनकी पत्नी ने यह सम्मान ग्रहण किया.
सीआरपीएफ के अधिकारी प्रमोद कुमार 15 अगस्त 2016 की आतंकियों के साथ हुई खतरनाक फायरिंग में शहीद हुए थे. मरणोपरांत उनकी पत्नी ने आज कीर्ति चक्र का सम्मान हासिल किया. वहीं कोबरा टीम के 2 जांबाज जवानों को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया. झारखण्ड में नक्सलियों से मुकाबला करने और उन नक्सलियों को ढेर करने वाले विकास जाखड़ और मोहम्मद रियाज़ आलम को शौर्य चक्र दिया गया तो वो काफी खुश थे.
पति ने देश के लिए दी जान
'आज़तक' से बातचीत में शहीद प्रमोद कुमार की पत्नी नेहा त्रिपाठी ने कहा कि बेटी आज भी घर में पापा का इंतजार करती है. शहीद प्रमोद कुमार की पत्नी ने कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि उनके पति ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए हैं और उनको शांति काल का दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र दिया गया है.
नेहा त्रिपाठी ने कहा कि बेटी जब बिस्तर पर सोती है तो उस किनारे को आज भी खाली छोड़ देती है और तकिया वहां पर रख देती है. कहती है कि पापा एंजेल बनकर जरूर आएंगे, जब बेटी इस तरीके की बात करती है तो हमें भी बहुत दुख होता है मेरी बेटी अपने पापा की तरह ही वर्दी पहनना चाहती है.
'नक्सलियों को फिर मारेंगे'
विकास जाखड़ और मोहम्मद रियाज आलम CRPF के उन 2 जवानों में हैं जिन्हें राष्ट्रपति ने शांति काल के तीसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र से सम्मानित किया है. 'आजतक' से बातचीत में इन दोनों जांबाजों ने नक्सलियों के साथ अपनी मुठभेड़ की कहानी बयां की जो रोंगटे खड़े कर देने वाली थी.
जवानों के मुताबित खुफिया इनपुट के आधार पर जब ऑपरेशन किया गया तो झारखंड में कई नक्सलियों को इन जंबाज़ों ने ढेर किया. इसमें कोबरा टीम के असिस्टेंट कमांडेंट विकास जाखड़ और SI मोहम्मद रियाज आलम ने वीरता का सर्वोच्च कदम उठाते हुए इन नक्सलियों को वहीं पर ढेर कर दिया.
बातचीत में उन्होंने यह जानकारी दी की इनको जो पुरस्कार दिया गया है उससे खुश है और इनके गांव और घर की तरफ से हजारों बधाइयां आ रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोबारा इसी तरीके का ऑपरेशन नक्सल इलाके में करने को मिला तो नक्सलियों का जड़ मूल से खात्मा करने का अभियान चलाएंगे.