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लोकपाल विधेयक को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

बहुप्रतीक्षित लोकपाल विधेयक को बुधवार को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गयी. विधेयक को राज्यसभा ने 17 दिसंबर को पारित किया था और 18 दिसंबर को यह लोकसभा में पारित हो गया था.

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राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी
राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी

बहुप्रतीक्षित लोकपाल विधेयक को बुधवार को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गयी. विधेयक को राज्यसभा ने 17 दिसंबर को पारित किया था और 18 दिसंबर को यह लोकसभा में पारित हो गया था.

सरकारी सूत्रों ने बताया कि लोकसभा सचिवालय ने मंगलवार को विधेयक की प्रति कानून मंत्रालय को भेजी थी. इसके बाद विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए राष्ट्रपति भवन भेजा गया. सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति ने लोकपाल विधेयक पर दस्तखत कर दिये हैं. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद विधेयक कानून का रूप ले लेता है.

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून मंत्रालय का विधायी विभाग इस पर दस्तखत करेगा और फिर इसे सरकारी गजट में प्रकाशन के लिए भेज दिया जाएगा. विधेयक केन्द्र के स्तर पर लोकपाल और राज्यों के स्तर पर लोकायुक्त के गठन का प्रावधान करता है.

पहले पहल विधेयक को लोकसभा में 2011 में शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किया गया था लेकिन राज्यसभा में यह पारित नहीं हो सका और सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गयी.

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इसके बाद राज्यसभा की एक प्रवर समिति ने विधेयक में परिवर्तन सुझाये, जिनमें से अधिकतर को मौजूदा विधेयक में शामिल कर लिया गया और केन्द्रीय मंत्रिमंडल से इसे मंजूरी दे दी. संशोधन के बाद पहले राज्यसभा ने विधेयक को पारित किया और फिर यह निचले सदन में पारित हुआ.

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