गर्भवती स्त्रियों को मांसाहार और सेक्स से दूर रहने की नसीहत देने वाली आयुष मंत्रालय की बुकलेट पर विवाद होने के बाद मंत्रालय ने अपनी सफाई दी है. उसका कहना है कि बुकलेट में नो सेक्स जैसी कोई बात नहीं कही गई है जबकि मांसाहार से दूर रहने की नसीहत योग और प्राकृतिक चिकित्सा की सालों से चली आ रही प्रैक्टिस का हिस्सा है.
आयुष मंत्रालय की सफाई
आयुष मंत्रालय ने कहा कि बुकलेट में योग और प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित प्रासंगिक और उपयोगी जानकारी दी गई है. ये प्रकाशन सरकारी संस्थाएं पिछले तीन साल से ज्यादा वक्त से बांट रही हैं. आयुष मंत्रालय द्वारा हाल ही में इन्हें प्रकाशित करवाने की खबर सही नहीं है.
मंत्रालय ने कहा है कि सिर्फ हेडलाइन बनाने के लिए नो सेक्स जैसी बात खबरों में डाल दी गई है जबकि ऐसी कोई बात बुकलेट में शामिल नहीं थी.