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आयुष मंत्रालय की सलाह गर्भवती महिलाएं सेक्स और मीट से रहें दूर

मातृ व शिशु स्वास्थ्य योगिक व प्राकृतिक चिकित्सा नामक इस किताब में गर्भावस्था के दौरान क्या करें क्या ना करें जैसे सुझाव दिए गए हैं. जिनमें गर्भवती महिला को मन में हमेशा धार्मिक विचार रखते हुए ईर्ष्या, क्रोध और कामुकता से दूर रहने की सलाह दी गई है

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किताब के अंश
किताब के अंश

योग दिवस की तैयारियों के बीच आयुष मंत्रालय अपनी एक किताब को लेकर विवाद में फंस गया है. किताब में मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ रहने के कुछ सुझाव दिए हैं जिन पर सवाल खड़े हो गए हैं. आयुष मंत्रालय ने कहा है कि गर्भधारण के बाद महिलाओं को सेक्स नहीं करना चाहिए और अंडा या मीट से भी दूर रहना चाहिए.

आपको बता दें कि मातृ व शिशु स्वास्थ्य योगिक व प्राकृतिक चिकित्सा नामक इस किताब में गर्भावस्था के दौरान क्या करें क्या ना करें जैसे सुझाव दिए गए हैं. जिनमें गर्भवती महिला को मन में हमेशा धार्मिक विचार रखते हुए ईर्ष्या, क्रोध और कामुकता से दूर रहने की सलाह दी गई है. इसके अलावा चाय, कॉफी, चीनी के साथ-साथ अंडा और मांस को वर्जित बताया गया है. किताब में गर्भवती महिलाओं को यह सलाह भी दी गई है कि वे अपने कमरों में महापुरुषों के चित्र लगा कर रखें.

दिलचस्प ये है कि आयुष राज्य मंत्री ने हाल में ही खुद इस बुकलेट को रिलीज किया था. इसका मकसद गर्भावस्था में योग पर जोर देना था और ये बताना था कि योग के जरिए किस तरह स्वस्थ रहा जा सकता है. लेकिन, योग के बहाने इस तरह के सुझाव देना मंत्रालय के लिए नया विवाद लेकर सामने आया है.


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