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PNB घोटाले के जांच अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक, 30 CBI अफसर पुरस्कृत

इस सूची में निरीक्षक आनंद सरूप का भी नाम है जिनकी जांच का परिणाम राष्ट्रमंडल खेल मामलों में पहली दोषसिद्धि के रूप में निकला.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के जांच अधिकारी डी दामोदरन सहित सीबीआई के 30 अधिकारियों को राष्ट्रपति के उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवा पदक से पुरस्कृत किया गया है.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के प्रवक्ता ने कहा, 'उत्कृष्ट सेवा के लिए छह अधिकारियों को राष्ट्रपति के पुलिस पदक तथा सराहनीय सेवा के लिए 24 अन्य अधिकारियों को पुलिस पदक से पुरस्कृत किया गया है.'

उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक से पुरस्कृत होने वालों में पुलिस अधीक्षक नागेंद्र प्रसाद, पुलिस अधीक्षक के एम वर्की, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार, पुलिस उपाधीक्षक बी शंकर राव, पुलिस उपाधीक्षक विजय कुमार प्रधान और निरीक्षक शमा मरूफ शामिल हैं.

सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक पाने वालों में निरीक्षक डी दामोदरन भी शामिल हैं जो नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से जुड़े देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले की जांच कर रहे हैं.

बैंकिंग सुरक्षा एवं फर्जीवाड़ा प्रकोष्ठ (बीएसएफसी), बेंगलुरु के पुलिस अधीक्षक टी राजेश भी सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक प्राप्त करने वालों में शामिल हैं जो कई शीर्ष बैंकरों से जुड़े आईडीबीआई मामले की जांच कर रहे हैं. उनकी जांच का नतीजा मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में प्रभावशाली नेता अमरमणि त्रिपाठी और उसकी पत्नी को उम्रकैद की सजा दिलाने के रूप में निकला था.

इनके अलावा 21 अन्य अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक मिले हैं.

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