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PMC बैंक घोटाला: कोर्ट गेट पर खाताधारियों ने लगाए नारे- नो बेल, लंबी जेल

पीएमसी बैंक के करीब 200 खाताधारियों ने एस्प्लेनेड कोर्ट पर इकट्ठा होकर भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. इन लोगों का कहना था कि उन्हें साफ तौर पर बताया जाए कि वो कब अपने खातों से पैसा निकाल सकेंगे और बैंक पर लगी बंदिशों में कब ढील दी जाएगी.

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पीएमसी बैंक घोटाला (फाइल फोटो- Aajtak)
पीएमसी बैंक घोटाला (फाइल फोटो- Aajtak)

  • PMC बैंक के 200 खाताधारियों ने किया प्रदर्शन
  • आरबीआई और सरकार के खिलाफ जताया विरोध

पीएमसी बैंक के करीब 200 खाताधारियों ने एस्प्लेनेड कोर्ट पर इकट्ठा होकर भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. इन लोगों का कहना था कि उन्हें साफ तौर पर बताया जाए कि वो कब अपने खातों से पैसा निकाल सकेंगे और बैंक पर लगी बंदिशों में कब ढील दी जाएगी. प्रदर्शनकारियों ने अभियुक्तों के खिलाफ नारेबाजी भी की.

घोटाले के तीन अभियुक्तों को सोमवार दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया. इन अभियुक्तों में बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह और एचडीआईएल के प्रमोटर्स- राकेश और सारंग वधावन शामिल हैं. अभियोजन ने तीनों का रिमांड दो दिन तक बढ़ाने की मांग की.

16 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर तीनों अभियुक्त

बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि रिमांड पर आपत्ति नहीं है, लेकिन केस में कुछ नया घटनाक्रम सामने आना चाहिए. इस पर जांच अधिकारी ने कहा, 'केस में हर दिन कुछ नया सामने आ रहा है. जॉय थॉमस की ओर से पुणे में खरीदी गई 10 में से 9 संपत्तियों का पता लग चुका है. अभी मनी ट्रेल का पता लगाया जाना है.' दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को 16 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया.  

कोर्ट गेट पर पीएमसी बैंक के खाताधारी नारे लगाते रहे- 'नो बेल, लंबी जेल, नो टू बैंक्स.' पुलिस के कड़े बंदोबस्त के बीच प्रदर्शनकारियों के कुछ प्रतिनिधियों को ही कोर्ट में जाने की अनुमति दी गई.

'न्याय कीजिए, मुसीबत से निकालिए'

ओशिवाड़ा ब्रांच के खाताधारी निखिल वोरा ने कहा, 'हम ना तो जिंदा हैं और ना ही मरे हुए. हमारी गलती इतनी है कि हम उस बैंक के जमाकर्ता हैं जिसे आरबीआई ने लाइसेंस दे रखा है. रेग्युलेटर आरबीआई नाकाम हो चुका है. सलाखों के पीछे आरोपियों से ज्यादा हर रोज हमें भुगतना पड़ रहा है. कृपया न्याय कीजिए और हमें इस मुसीबत से निकालिए.'

'परिवार को चलाने के लिए 5,000 रुपये तक नहीं'

एक और खाताधारी महेंद्र दोषी ने अपनी व्यथा सुनाते कहा, 'मैं सीए हूं और बैंक में मेरे 21 करोड़ रुपये हैं और अब हमारे पास परिवार को चलाने के लिए 5,000 रुपये तक नहीं हैं. कुछ भी साफ नहीं है. कभी वो कहते हैं कि 6500 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. फिर वो कहते हैं 4355 करोड़ का घाटा हुआ. मैं मौजूदा हालात में बैंक को बचाने के लिए सरकार को आगे आने के लिए कहना चाहूंगा. आप अपना समय लीजिए लेकिन कुछ फंड डालिए और बैंक को बचाइए. नहीं तो पूरा बैंकिंग सिस्टम चरमरा जाएगा.'  

बैंक के करीब 17 लाख खाताधारी

प्रदर्शन में शामिल खाताधारी चंदर पुरसवानी ने कहा, 'अगर उन्होंने बैंक का ऑपरेशन दोबारा शुरू नहीं किया तो बैंक मर जाएगा, साथ ही हम भी मर जाएंगे. कोई भी पैकेज हो, हमें इस सब से निकालिए. करीब एक करोड़ लोग प्रभावित हैं. बैंक के करीब 17 लाख खाताधारी हैं, हर एक के परिवार में कम से कम चार लोग इससे जुड़े हैं. चाहें पीएम हों या वित्त मंत्री या फिर आरबीआई के चेयरमैन, उन्हें कुछ करना चाहिए.'

'सरकार और न्यायपालिका पर भरोसा'

ठाणे से प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए आई डॉ.मीनल पाटिल ने कहा, 'मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिली थीं, उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से वो कुछ नहीं कर सकते, लेकिन उन्होंने हमारा पैसा सुरक्षित होने का आश्वासन दिया. मैं बीजेपी सरकार से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करती हूं कि लोगों ने आप में भरोसा दिखाया था, कृपया उस भरोसे को बहाल कीजिए. हम लिक्विडेशन तक इंतजार नहीं कर सकते. ये बहुत बड़ी रकम नहीं है. मुझे अपनी सरकार और न्यायपालिका पर भरोसा है.'

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