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नोटबंदी, GST के कारण 'गिरती छवि' से मोदी चिंतित, मंत्रियों को दिया 'काम गिनाने' का टास्क

पीएम मोदी ने इस बैठक में अपने मंत्रियों को प्रोत्साहित करते हुए उनसे सरकार की नीतियों और पहल के बारे में लोगों के बीच प्रचार करने को कहा है. पीएम ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सहयोगियों से कड़ी मेहनत करने और सरकारी नीतियों व कदमों से लोगों की जिंदगी में आए बदलाव के बारे में जनता को बताने के लिए कहा.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

नोटबंदी और जीएसटी जैसी योजनाओं को लेकर विपक्ष के हमलों के कारण सरकार की 'गिरती' छवि से चिंतित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल के साथ मंत्रणा की. पीएम मोदी ने इस बैठक में अपने मंत्रियों को प्रोत्साहित करते हुए उनसे सरकार की नीतियों और पहल के बारे में लोगों के बीच प्रचार करने को कहा है.

पीएम मोदी ने शुक्रवार रात केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सहयोगियों से कड़ी मेहनत करने और सरकारी नीतियों व कदमों से लोगों की जिंदगी में आए बदलाव के बारे में जनता को बताने के लिए कहा.

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में तीन मंत्रियों ने विभिन्न कार्यक्रमों और सरकार की तरफ से की गई पहल पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिया, जिसमें उन्होंने लोगों के लिए 'ईज ऑफ लिविंग' (जीवनयापन करने में आसानी) के अवसर प्रदान करने पर विस्तार से प्रेजेंटेशन दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक शीर्ष अधिकारी ने सोशल मीडिया पर भी प्रेजेंटेशन दिया.

सूत्रों ने बताया कि 'ईज ऑफ लिविंग' पर दिया गया प्रेजेंटेशन करीब एक घंटे तक चला और इसमें तीन हिस्सों में 90 स्लाइड के साथ सरकार की ओर से पिछले साढ़े तीन साल में किए गए कामों को दर्शाया गया. 'ईज ऑफ लिविंग' प्रेजेंटेशन को कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कौशल विकास राज्यमंत्री अनंत कुमार हेगड़े और शहरी विकास एवं आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेश किया.

प्रेजेंटेशन में नोटबंदी और वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के अलावा मुद्रा, डिजिटल इंडिया, किफायती आवास और उज्ज्वला योजना के फायदे बताते हुए दावा किया गया कि इन योजनाओं ने लोगों के जीवन को आसान बनाया है.

पीएम मोदी ने अपने सभी मत्रियों को सोशल मीडिया पर एक्ट‍िव रहने और अपने मंत्रालयों का रिपोर्ट कार्ड तैयार रखने का निर्देश दे रखा है. इससे पहले इस साल जनवरी में जॉबलेस ग्रोथ से चिंतित पीएम मोदी ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे रोज़गार पैदा करने वाली योजनाओं ब्योरा दें और अगले दो साल में रोज़गार पर फोकस रखें. पीएमओ ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया था कि कि तीन साल में उनके मंत्रालय ने रोजगार पैदा करने वाली कितनी योजनाए बनाईं और कितने लोगों को रोज़गार दिया. इसकी पूरी रिपोर्ट 20 जून तक दे. प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी मंत्रालयों को ये भी कहा है कि मंत्रालय की योजनाएं बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि वे योजनाएं देश में रोजगार उपलब्ध कराने में कितनी मददगार होगी.

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