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GDP, नोटबंदी, GST हर सवाल पर मोदी का दो टूक जवाब, जानिए आलोचकों को क्यों कहा 'शल्य

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों को निराशा फैलाकर अच्छी नींद आती है. गोल्डन जुबली समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज ICSI अपने 50वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. इस अवसर पर मैं इस संस्था से जुड़े सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं.

पीएम मोदी पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) के गोल्डन जुबली ईयर समारोह का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने भारी संख्या में मौजूद कंपनी सेक्रेटरी (CS) को संबोधित करते हुए अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा पर भी बिना नाम लिए जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की निराशा फैलाने की आदत होती है. निराशा फैलाने वालों की पहचान करना बेहद जरूरी है. ऐसे लोगों के लिए पीएम मोदी ने महाभारत के पात्र शल्य का जिक्र किया.

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को निराशा फैलाकर अच्छी नींद आती है. गोल्डन जुबली समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज ICSI अपने 50वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. इस अवसर पर मैं इस संस्था से जुड़े सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं. आज मुझे बहुत खुशी है कि मैं ऐसे विद्वानों के बीच आया हूं, जो इस बात के लिए जिम्मेदार हैं कि देश में मौजूद प्रत्येक कंपनी कानून का पालन करे, अपने बही-खातों में गड़बड़ी ना करे और पूरी पारदर्शिता रखे.

जानें महाभारत के पात्र शल्य के बारे में

शल्य महाभारत के पात्र थे. वे माद्रा (मद्रदेश) के राजा जो पाण्डु के सगे साले और नकुल व सहदेव के मामा थे. महाभारत में दुर्योधन ने शल्य को छल द्वारा अपनी ओर से युद्ध करने के लिए राजी कर लिया था. उन्होंने कर्ण का सारथी बनना स्वीकार किया और कर्ण की मृत्यु के पश्चात युद्ध के अंतिम दिन कौरव सेना का नेतृत्व किया और उसी दिन युधिष्ठिर के हाथों मारे गए. शल्य की एक विशेषता थी कि वह शत्रु पक्ष के वीरों को हताश करने का लगातार प्रयत्न करते रहते थे. पीएम मोदी का इशारा इसी ओर था.

जिम्मेदारी निभाकर तय करें देश का कॉरपोरेट कल्चर

PM ने सीएस को संबोधित करते हुए कहा कि आप अपनी जिम्मेदारी जिस तरह से निभाते हैं. उसी से देश का कॉरपोरेट कल्चर तय होता है. आपकी संस्था का मोटो भी है- “सत्यम वद्, धर्मम चर्” यानी सत्य बोलो और नियम-कानून का पालन करो. आपकी दी हुई सही या गलत सलाह देश के कॉरपोरेट गवर्नेंस 1को प्रभावित करती है. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में भी मुट्ठी भर लोग ऐसे हैं, जो देश की प्रतिष्ठा को, हमारी ईमानदार सामाजिक संरचना को कमजोर करने का काम करते रहे हैं. इन लोगों को सिस्टम और संस्थाओं से हटाने के लिए सरकार ने पहले दिन से स्वच्छता अभियान शुरू किया हुआ है.

नोटबंदी और GST सरकार का साहसिक फैसला

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने  नोटबंदी जैसा ऐतिहासिक फैसला लिया. संस्थागत ईमानदारी बढ़ाने के लिए कदम उठाया गया. मोदी ने कहा कि यह सरकार के अथक परिश्रम का ही परिणाम है कि आज देश की अर्थव्यवस्था कम कैश के साथ चल रही है. नोटबंदी के बाद Cash to GDP Ratio अब 9 प्रतिशत पर आ गया है. आठ नवंबर 2016 से पहले ये 12 प्रतिशत से ज्यादा हुआ करता था. उन्होंने कहा कि डोकलाम मामले को लेकर भी कुछ लोगों को हताशा हुई. उन्होंने कहा कि निराशा फैलाने वालों की पहचान करना बेहद जरूरी है.

पिछली सरकार में 8 बार विकास दर 5.7 फीसदी से नीचे आई

मोदी ने कहा कि पिछली सरकार के 6 साल में 8 बार ऐसे मौके आए जब विकास दर 5.7 प्रतिशत या उससे नीचे गिरी. देश की अर्थव्यवस्था ने ऐसे क्वार्टर्स भी देखे हैं, जब विकास दर 0.2 प्रतिशत, 1.5 प्रतिशत तक गिरी. PM मोदी ने कहा कि ऐसी गिरावट अर्थव्यवस्था के लिए और ज्यादा खतरनाक थी, क्योंकि इन वर्षों में भारत  Higher Inflation, Higher Current Account Deficit और Higher Fiscal Deficit से जूझ रहा था. मैं ना कोई अर्थशास्त्री हूं और ना ही कभी मैंने ऐसा दावा किया है, लेकिन आज जब अर्थव्यवस्था पर इतनी चर्चा हो रही है, तो मैं आपको फ्लैसबैक में भी लेकर जाना जाता हूं.

भारत को बनाया गया था  डैंजरस ग्रुप का हिस्सा

मोदी ने कहा कि एक दौर वो था जब अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में भारत को एक नए ग्रुप का हिस्सा बनाया गया था. ये ग्रुप जी-7, जी-8, जी-20  जैसा ग्रुप नहीं था, बल्कि इस ग्रुप का नाम था- Fragile Five. उन्होंने कहा कि इसे ऐसा Dangerous ग्रुप माना गया था, जिसकी खुद की अर्थव्यवस्था तो एक समस्या थी ही, बल्कि ये वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी में भी बाधा बन रहे थे.

उन्होंने कहा कि ये बात सही है कि पिछले तीन वर्षों में 7.5 प्रतिशत की औसत ग्रोथ हासिल करने के बाद इस वर्ष अप्रैल-जून की तिमाही में GDP ग्रोथ में कमी दर्ज की गई, लेकिन ये बात भी उतनी ही सही है कि सरकार इस ट्रेंड को रिवर्स करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं. मेरे जैसे अर्थशास्त्र के कम जानकार को अब भी ये समझ नहीं आता कि उस समय बड़े-बड़े अर्थशास्त्रियों के रहते ऐसा कैसे हो गया था?

ईमानदारी को मिलेगा प्रीमियम

पीएम मोदी ने कहा कि बदलती हुई देश की इस अर्थव्यवस्था में अब ईमानदारी को प्रीमियम मिलेगा, ईमानदारों के हितों की सुरक्षा की जाएगी. मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार द्वारा लिए गए कदम देश को आने वाले वर्षों में विकास की एक नई league में रखने वाले हैं. हमने सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और ये प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी. देश की आर्थिक स्थिरता को भी बनाए रखा जाएगा. निवेश बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए हम हर आवश्यक कदम उठाते रहेंगे.

व्यापारियों को डरने की जरूरत नहीं

पीएम मोदी ने कहा कि GST से व्यापारियों को होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार कदम उठाएगी. व्यापारियों को डरने की जरूरत नहीं है. पिछले रिकॉर्ड नहीं खंगाले जाएंगे. हम हालात बदलने के लिए कदम उठा रहे हैं. हाल के दिनों में वाहनों की खरीददारी में इजाफा हुआ है. विदेशी रिकॉर्ड निवेश कर रहे हैं. ट्रैक्टर की खरीददारी में 34 फीसदी का इजाफा हुआ है. कार और वाहनों की बिक्री बढ़ी है. जून 2017 के बाद consumption में भी वृद्धि हुई है. हवाई यात्रा करने वालों की संख्या में भी वृद्धि हुई है.

जरूरत पड़ी, तो GST में होगा बदलाव

मोदी ने यह भी संकेत दिया कि अगर जरूरत पड़ी, तो जीएसटी में बदलाव संभव है. जीएसटी काउंसिल इस पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में एक लाख 20 हजार किमी लंबी सड़कें बनी, जो पिछली की सरकारों के मुकाबले ज्यादा हैं. इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि हम लकीर के फकीर नहीं हैं, न ही हम दावा करते हैं कि सारा ज्ञान हमारे पास ही है.

21 सेक्टरों से जुड़े 87 छोटे-बड़े सुधार किए

ICSI गोल्डन जुबली समारोह को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने अपने तीन साल में Renewable Energy सेक्टर पर 10 हजार 600 करोड़ रुपए से भी अधिक खर्च किए हैं. हाउसिंग सेक्टर में काफी तेजी आई है. पिछले तीन वर्षों में 21 सेक्टरों से जुड़े 87 छोटे-बड़े सुधार किए गए हैं. रक्षा सेक्टर, विनिर्माण सेक्टर, Financial Services, Food Processing जैसे कितने ही सेक्टरों में निवेश के नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं. मोदी ने कहा कि देश के आर्थिक क्षेत्र को खोलने के बाद से लेकर अब तक जितना विदेशी निवेश भारत में हुआ है, उसकी तुलना अगर पिछले तीन वर्षों में हुए निवेश से करें, तो आपको पता चलेगा कि हमारी सरकार जो सुधार कर रही है, उसका नतीजा क्या मिल रहा है. उन्होंने कहा कि मेहनत से कमाए गए एक-एक पैसे की कीमत समझते हैं.

पिछले तीन साल में तेजी से बढ़ा निवेश

मोदी ने कहा कि मेहनत से कमाए गए आपके एक एक पैसे की कीमत ये सरकार समझती है. इसलिए सरकार की नीतियों और योजनाओं में इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि वो गरीबों और मध्यम वर्ग की जिंदगी तो आसान बनाएं हीं, उनके पैसों की भी बचत कराएं. 350 का LED बल्ब सिर्फ 45 रुपये में मिल रहे हैं. पिछले तीन साल में ऑटोमोबाइल सेक्टर में 44 फीसदी इजाफा हुआ. हार्डवेयर क्षेत्र में 53 फीसदी विदेशी निवेश आया.

वर्तमान की चिंता के लिए देश का भविष्य दांव पर नहीं लगा सकता

PM मोदी ने कहा, 'मैं जानता हूं कि रेवड़ी बांटने के बजाय लोगों और देश को सशक्त करने के काम में कई बार मुझे आलोचना का भी सामना करना पड़ेगा, लेकिन मैं अपने वर्तमान की चिंता में देश के भविष्य को दांव पर नहीं लगा सकता हूं. देश के आम नागरिकों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है. मुद्रा योजना से लोगों के जीवन में बदलाव हो रहा है. उन्होंने कहा कि जब दो लाख फर्जी कंपनियों को बंद किया, तो भी मोदी का पुतला नहीं जलाया गया.

साल 2022 तक एक भी शेल कंपनियां नहीं होने का करें वाद

PM मोदी ने सीएस से अपील की कि वे एक लाख युवाओं को ट्रेनिंग देकर GST पर मदद दें. उन्होंने सीएस से कहा कि क्या आप यह वादा कर सकते हैं कि साल 2022 तक देश में एक भी शेल कंपनियां नहीं रहेंगी. मोदी ने कहा कि वित्तीय मामलों को लेकर हमारी आलोचना हुई है. हम कड़ी से कड़ी आलोचना भी दिल से स्वीकार करते हैं. हम संवेदनशील सरकार हैं. आलोचकों की हर बात गलत नहीं होती है, लेकिन देश में निराशा का माहौल पैदा करने से बचना चाहिए. दुनिया में भारत के प्रति विश्वास बनाएं.

उन्होंने कहा कि मैंने कई पैरामीटर दिखाए हैं, जो देश की मजबूती का परिचय देते हैं. उन्होने कहा कि मैं अपने आलोचकों को भी नम्रतापूर्वक विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हम आलोचनाओं पर गंभीरता से विचार करके देश को उसी रफ्तार से आगे ले जाएंगे, जिसकी सवा सौ करोड़ जनता और दुनिया अपेक्षा करती है.

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