प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 12 आयुष विशेषज्ञों के नाम पर डाक टिकट जारी किया. राजवैद्य बृहस्पति देव त्रिगुणा, वैद्य शास्त्री शंकर दाजी पदे, हकीम मोहम्मद कबीरूद्दीन, वैद्य भास्कर विश्वनाथ गोखले, वैद्यभूषणम के राघवन थिरूमूलपाड, डॉ. केजी सक्सेना, वैद्य यादव जी त्रिकमजी आचार्य, स्वामी कुवलयानंद, हकीम मोहम्मद अब्दुल अजीज लखनवी, डॉ. दीनशॉ मेहता, महर्षि महेश योगी, तिरू टीवी संबाशिवम पिल्लई के नाम पर डाक टिकट जारी किया गया.
Prime Minister Narendra Modi at a programme of AYUSH Ministry in Delhi: There is a target to build 12,500 AYUSH centers across the country, of which 10 AYUSH Health & Wellness Centers have been inaugurated today. Our aim is that 4,000 such AYUSH centers should be set up this year pic.twitter.com/VSsmgdK93S
— ANI (@ANI) August 30, 2019
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश भर में 12,500 आयुष केंद्र बनाने का लक्ष्य है, जिनमें से 10 आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का उद्घाटन आज किया गया है. हमारा उद्देश्य है कि इस वर्ष 4,000 ऐसे आयुष केंद्र स्थापित किए जाएं.
प्रधानमंत्री ने कहा, आयुष्मान भारत योजना के तहत जितने मरीजों को अब तक मुफ्त इलाज मिला है, वो अगर इसके दायरे में ना होते तो उन्हें 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने पड़ते. एक प्रकार से देश के लाखों गरीब परिवारों के 12 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई है.
उन्होंने कहा, प्रिवेंशन और अफोर्डबलिटी के साथ देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम चल रहा है. 2 दिन पहले ही सरकार ने 75 नए मेडिकल कॉलेज बनाने का भी फैसला लिया है. इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी तो होगी ही, साथ ही एमबीबीएस की करीब 16 हजार सीटें बढ़ेंगी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि सिर्फ मॉर्डन मेडिसिन ही नहीं, आयुष की शिक्षा में भी अधिक और बेहतर प्रोफेशनल्स आएं, इसके लिए आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं. आयुष ग्रिड का आइडिया भी प्रशंसनीय है. इससे आयुष सेक्टर से जुड़े अनेक दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी.