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जन्मदिन के मौके पर गुजरात में होंगे PM मोदी, राज्य सरकार खास तोहफा देने की तैयारी में

मोदी सरकार के साथ-साथ गुजरात सरकार के भी 100 दिन पूरे हो चुके हैं. गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल से आजतक संवाददाता गोपी घांघर ने खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बताया कि पीएम मोदी अपने जन्मदिन के मौके पर गुजरात में रहेंगे.

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पीएम मोदी पीएम मोदी

मोदी सरकार के साथ-साथ गुजरात सरकार के भी 100 दिन पूरे हो चुके हैं. गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल से आजतक संवाददाता गोपी घांघर ने खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बताया कि पीएम मोदी अपने जन्मदिन के मौके पर गुजरात में रहेंगे.

सवाल- नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार और आपकी सरकार को 100 दिन पूरे हो गए हैं. आप इस बारे में क्या सोचती हैं?
जवाब- देशभर में मोदी सरकार के लिए जो आशा ओर अपेक्षा थी, वो उस पर खरा उतरने का पूरी तरह से प्रयास कर रहे हैं. 15 अगस्त को लालकिले की प्राचीर से भाषण के दौरान उन्होंने देशभर के लोगों के बैंक अकाउंट्स होने की बात कही थी और 15 दिन के अंदर उन्होंने जनधन योजना शुरू करवा दी. ऐसी कई योजनाएं नरेंद्रभाई ने शुरू कीं. पेट्रोल के दाम भी कम हो रहे हैं, जिससे महंगाई पर रोक लग रही है. मैं जब देखती हूं, गुजरात के बारे में हमने लक्ष्य रखा था गतिशील गुजरात. लक्ष्य 100 दिन का और इसमें 51 पॉइंट्स तय किए थे. तीन महीने में ये काम पूरा करना है. मुझे खुशी है कि कई मुद्दे में 100 प्रतिशत काम हुआ, कई मुद्दों पर 75 प्रतिशत काम हो गया. हमने जो पॉइंट्स तय किए थे वो पूरे हो जाएंगे.

सवाल- क्या गुजरात अब मोदी बिन है?
जवाब- नहीं, गुजरात मोदी बिन नहीं है. मोदी साहब ने जो नींव रखी है, उसी पर हम पूरा मकान खड़ा कर रहे हैं. ऐसा नहीं है कि गुजरात मोदी बिन है, अभी तो देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया मोदी-मोदी कर रही है.

सवाल- किसी समस्या के लिए मोदी जी को कभी फोन किया है?
जवाब- गुजरात की क्या समस्या है, वो सब मोदीजी जानते हैं. नर्मदा गेट के लिए कितना प्रयास किया था देश में ये सारी समस्या नरेंद्रभाई जानते हैं. इसलिए थोड़े ही दिन में उन्होंने नर्मदा गेट की मंजूरी दे दी. साहब को पता है, हमारा मेट्रो ट्रेन का प्रोजेक्ट है. उसका डीपीआर पास करवा दिया है, जो थोड़े ही दिन में कैबिनेट में भी पास हो जाएगा. केंद्र में हमारे कई प्रोजेक्ट हैं, उसे भी मंजूरी मिल गई है. नरेंद्रभाई केंद्र में गए तो काम और तेजी से होने लगे.

सवाल- 2014 के उपचुनाव हो रहे हैं, मोदी के बिना ये चुनाव जीतने की कितनी संभावना है?
जवाब- जब जब ये चुनाव आए हैं, तब तब नरेंद्रभाई ने कोई रुचि नहीं ली है. वो हमेशा विधानसभा चुनाव में ही चुनाव प्रचार के लिए गए हैं, लेकिन उन्होंने विकास का काम करके ऐसा वातावरण बनाया है कि सबके दिल में आज भी नरेंद्रभाई हैं. लोग भी मानते हैं कि देश का या गुजरात का विकास करना है तो नरेंद्रभाई का सहयोग करना पड़ेगा और वो लोग पूरे दिल से सहयोग करेंगे. मैं मानती हूं कि हमारा 100 प्रतिशत नतीजा आएगा.

सवाल- क्या मोदी चुनाव प्रचार के लिए आएंगे?
जवाब- नहीं, वो चुनाव प्रचार में नहीं आएंगे.

सावाल- कोई उम्मीदवार जाना पहचाना नाम नहीं है?
जवाब- हमारे बीजेपी कार्यकर्ता के लिए वो नाम नया नहीं है, रंजन भट्टा सालों से काम कर रही हैं, कई ऐसा कार्यकर्ता ढूंढ़े हैं जो सालों से बीजेपी में काम कर रहे हैं, उन्हें टिकट दिया गया है.

सवाल- 17 सितंबर को मोदीजी को जीत का तोहफा देंगे?
जवाब- तैयारी तो पूरी है, 16 सितंबर को नतीजे आ रहे हैं. 17 सितंबर को मोदीजी का जन्मदिन है. हम उपचुनाव की सारी की सारी सीट जीत कर उन्हें जीत का तोहफा देंगे. मोदीजी वैसे कोई तोहफा लेते नही हैं और जो तोहफा उन्हें मिलता है वो कन्या की शिक्षा में इस्तेमाल करते हैं, मैंने भी वो परंपरा शुरू की है.

सवाल- क्या 17 सितंबर को जन्मदिन के दिन मोदीजी गुजरात आ रहे है?
जवाब- नरेंद्रभाई 16 सितंबर को गुजरात आएंगे और पहली बार देश के प्रधानमंत्री बनकर राज्य में आ रहे हैं, जो सौभाग्य की बात है. इसलिए हमारे कार्यकर्ता उनका भव्य स्वागत करेंगे. दूसरे दिन नरेंद्रभाई का जन्मदिन तो है ही लेकिन उसी दिन चीन के राष्ट्रपति भी आ रहे हैं, गुजरात के लिए ये बड़ी बात है. हम उनका भी जोरदार स्वागत करेंगे.

सवाल- दोनों नेताओं के बीच एजेंडा क्या रहेगा?
जवाब- एजेंडा और बातचीत देश के प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति के मिलने के बाद ही तय होगा. दोनों आ रहे हैं, मुलाकात होगी एमओयू साइन होगा इतना हमें पता है.

सवाल- 17 सितंबर को जन्मदिन है, क्या मोदीजी अपनी मां से मिलने जाएंगे?
जवाब- ये बात सही है, सालों से परंपरा निभाई है. जब भी जन्मदिन आता है, माता का आशीर्वाद लेना अनिवार्य रहता है. इससे पूरी शक्ति मिलती है. इस बार भी परंपरा निभाते हुए नरेंद्रभाई माताजी का आशीर्वाद लेने जरूर जाएंगे. मैं नहीं जाऊंगी उनके साथ.

सवाल- मोदीजी जापान गए थे, गुजरात को इस यात्रा से क्या फायदा मिलेगा?
जवाब- अहमदाबाद से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में वो सहयोग करेंगे, मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट में वो सहयोग करेंगे. सोलर पावर प्रोजेक्ट में वो टेक्निकल मदद करेंगे, ऐसी कई योजनाएं हैं. वहां की इंडस्ट्रीज के साथ बात की है. सीकल सेल के बारे में भी बात की है, जो हेल्थ के बारे में है. ट्राइबल में ये रोग देखा जाता है. मुझे लगता है कि इस बातचीत का देश को फायदा होगा.

सवाल- 2015 में वाइब्रंट की शुरुआत हो रही है, अंबानी, अदानी गुजरात के बाहर इन्वेस्ट कर रहे हैं. इसका क्या असर पड़ेगा?
जवाब- कोई इन्वेस्टमेंट पर असर नहीं हुआ है, 2003 में ग्लोबल समिट शुरू की थी, तब गुजरात को शोकेस करने के लिए वाइब्रंट शुरू किया था. इसके बाद धीरे-धीरे समिट होने लगी, पिछली समिट और इस समिट में ये काम हो रहा है कि एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म बनाया है. कोई भी आए और कोई भी स्टेट में इन्वेस्टमेंट करे. वो गुजरात से चले गए ऐसा नहीं मानना चाहिए. गुजरात भी चाहता है कि पूरे देश का विकास हो. देशभर में इंडस्ट्रीज बनें और युवाओं को रोजगार मिले.

सवाल- आप मोदीजी की निकट मंत्री थीं, संघ का एजेंडा पूरा कर पाएंगे. क्या देश को हिंदूराष्ट्र बना पाएंगे?
जवाब- कोई एजेंडा नहीं होता है, सिर्फ विकास का मंत्र होता है. विकास के लिए चुने गए हैं, वही मंत्र है. सबका साथ सबका विकास होता है तो सबको इसका फायदा मिलता है. एक स्कूल बनाते हैं तो उसका फायदा सबको मिलता है. मैं ये कहूंगी कि हिंदू को लाभ मिलता है, मुस्लिम को नहीं ऐसा नहीं है. संघ का भी यही मंत्र है सबको साथ लेकर चलो, और विकास करो.

सवाल- गुजरात में पाठ्यक्रम को लेकर विवाद हुआ था, हिंदूराष्ट्र की बात है?
जवाब- जब सही बात बाहर आई, तो सबको पता चला कि जो बात उछाली जा रही थी वो गलत थी और तब सबका मुंह बंद हो गया.

सवाल- नए बीजेपी अध्यक्ष भी गुजरात से हैं, क्या उनकी टीम में बुजुर्गों के लिए कोई जगह नहीं है?
जवाब- बुजुर्गों के माध्यम से ही सरकार चलती है, मार्गदर्शन वहां से मिलता है, प्रेरणा वहीं से मिलती है. ऐसा नहीं मानना चाहिए कि बुजुर्गों को छोड़ दिया गया. युवाओं को भी कोई न कोई जिम्मेदारी देनी चाहिए. युवा और बुजुर्गों को मिला कर ये सरकार और संगठन चल रहे हैं.

सवाल- पार्टी में आडवाणी जी (लालकृष्ण) और मुरली मनोहर जोशी जी को अलग मंडल में क्यों रखा गया है?
जवाब- अलग मंडल ही सर्वश्रेष्ठ मंडल है ओर वही मंडल सबको गाइड करेगा.

सवाल- मोदीजी ने कहा था कि सांसदों को अपने चुनावक्षेत्र में वक्त बिताना चाहिए, आडवाणी जी चुनाव जीतने के बाद एक भी बार नहीं आए हैं, इस पर क्या कहना है आपका?
जवाब- गुजरात में और खासकर गांधीनगर लोकसभा सीट है. उसमें लाखों कार्यकर्ता हैं, सभी विधायक बीजेपी के हैं. म्युंसिपल कॉर्पोरेशन भी बीजेपी की है, और सब मिलकर यहां के विकास का काम करते हैं. विकास का काम राज्य सरकार करती है, सबसे श्रेष्ठ विकास के तौर पर अडवाणी जी का इलाका है.

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