असम के तिनसुकिया जिले में गैस कुएं में लगी आग बुझाने की कोशिश जारी है. बागजन में ऑयल इंडिया लिमिटेड के गैस कुएं में लगी आग बुझाने के लिए देश-विदेश की कई टीमें लगी हैं. इस बीच हादसे से निपटने और घटना की जांच के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है. कमेटी इस मामले पर गौर करेगी और सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी.
दो दिन पहले आग लगने की घटना के तुरंत बाद असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच बात हुई थी. अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सोनोवाल की बात हुई. प्रधानमंत्री ने इस घटना में असम सरकार को हर मदद करने का आश्वासन दिया. इन सभी घटनाक्रम के बीच गुरुवार को पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन अधिकारियों की उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है जिसमें डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हाइड्रोकार्बन्स के महानिदेशक एससीएल दास, ओएनजीसी के पूर्व अध्यक्ष बीसी बोरा और ओएनजीसी के पूर्व निदेशक टीके सेनगुप्ता शामिल हैं.
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यह कमेटी इस बात की जांच करेगी कि पहले से निर्धारित प्रोटोकॉल में कहां चूक हुई जिसकी वजह से बगजान में इतना बड़ा हादसा हुआ. आगे ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए अल्पावधि और दीर्घावधि के उपाय सुझाए जाएंगे. इस कमेटी की अगुआई एससीएल दास कर रहे हैं जिन्हें एक महीने के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है. फिर उनकी सिफारिशों पर पेट्रोलियम मंत्रालय अमल करेगा.
बता दें, 9 जून को लगी आग पर काबू पाने में मुश्किल हो रही है. बागजन स्थित ऑयल इंडिया लिमिटेड के गैस कुएं में लगी इस आग को बुझाने में कई टीमें जुटी हैं. बताया जा रहा है कि इसे बुझाने में 21 दिन लगेंगे. आग की लपटों को कई किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता है. इस आग से तिनसुकिया के 7 हजार अधिक लोग प्रभावित हुए हैं जिसके लिए सरकार ने मुआवजे का एलान किया है. मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस घटना के बार में बातचीत हुई है. प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र की मदद का भूरा भरोसा दिया है.
गैस के कुएं में विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के इलाकों के कई घर क्षतिग्रस्त हो गए. ओआईएल की ओर से कई हजार लोगों को राहत शिविरों में ले जाया गया है. गुवाहाटी से करीब 550 किलोमीटर दूर बागजन के कुंए में पिछले 14 दिनों से गैस के लीक होने के कारण आग लग गई, जिससे आसपास के इलाकों में भारी नुकसान पहुंचा है. यहां तक कि सिंगापुर की एक इमरजेंसी कंपनी अलर्ट की विशेषज्ञ टीम भी लीकेज को ठीक करने लिए मौके पर पहुंची है.