पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के लगातार बढ़ते दामों पर सीएजी जल्द ही नकेल कसने की तैयारी में है. ऑयल कंपनियों द्वारा लगातार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाए जाने को लेकर सीएजी ने फैसला किया है कि इन प्रोडक्ट्स के दाम तय करने पर ऑडिट कराया जाएगा. सीएजी ने अनुमान लगाया है कि आम जनता से पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों ने 60 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम वसूली है.
सूत्रों ने बताया है कि कुछ दिन पहले ही सीएजी ने ऑयल मिनिस्ट्री को एक पत्र भेजकर पूछा है कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के दाम कैसे तय किए जाते हैं. सीएजी ने अनुमान लगाया है कि प्राइसिंग पॉलिसी में गड़बड़ी के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आम आदमी से अतिरिक्त 60 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रकम वसूली है.
इस मामले में कुछ ही दिन पहले सीएजी ऑडिट टीम और ऑयल मिनिस्ट्री के वरिष्ठ अधिकारियों की बीच बैठक भी हुई थी. अगले पार्लियामेंट सेशन के दौरान ही इस मामले की रिपोर्ट सौंपी जाएगी, ऐसे में संसद में भी इसकी गूंज सुनाई दे सकती है.
डिप्टी CAG ऊषा शंकर की देखरेख में ये ऑडिट किया जाएगा. गौरतलब है कि अभी हाल में ही गैर सब्सिडी वाले रसोई गैस के दामों में 250 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, इसके अलावा पेट्रोल और डीजल के दामों में भी लगातार वृद्धि हुई है.