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12-12-12 को मम्‍मी-पापा बनने की बढ़ी डिमांड

बुधवार को दिसंबर 2012 की 12 तारीख है, यानी 12-12-12. यह एक खास तारीख है और शायद यही कारण है बहुत से दंपति चाहते हैं कि उनके बच्चे इसी खास दिन पैदा हों. डॉक्टरों के पास बड़ी संख्या में दंपति डिलीवरी के लिए 12 दिसंबर की डिमांड के साथ पहुंच रहे हैं.

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बुधवार को दिसंबर 2012 की 12 तारीख है, यानी 12-12-12. यह एक खास तारीख है और शायद यही कारण है बहुत से दंपति चाहते हैं कि उनके बच्चे इसी खास दिन पैदा हों. डॉक्टरों के पास बड़ी संख्या में दंपति डिलीवरी के लिए 12 दिसंबर की डिमांड के साथ पहुंच रहे हैं.

23 साल की पूनम बहुत खुश है, मां बनने की तो खुशी है ही, साथ ही खुशी है कि उनकी कोख में एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन बच्चे पल रहे हैं. पूनम अपनी इस खुशी को और यादगार बनाने के लिए चाहती है कि उनकी डीलीवरी 12 दिसंबर को हो. हांलाकि डॉक्टरों ने पूनम की डिलीवरी की तारीख 10 दिसंबर की दी थी. लेकिन अब डॉक्टर ने भी पूनम की इस ख्वाहिश पर मोहर लगा दी है.

डॉ अर्चना घवन, डायरेक्टर, नेचर क्लीनिक कहती हैं, ‘मेरे पास अब तक 8 से 10 डिमांड आ चुकी हैं. पूनम के केस में हम थोडा डिले कर सकते हैं इसलिए उसके लिए हामी भर दी है.

लेकिन डॉक्टर इस बात का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं 12-12 के चक्कर में मां और बच्चे की सेहत किसी भी तरह से कॉमप्रमाइज ना हो. क्योंकि जिन मामलों में 12 दिसबंर को डिलीवरी संभव नहीं होती उसे वो सीधे तौर पर मना भी कर रहे हैं.

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डॉ इंदूबाला, स्त्री रोग विशेषज्ञ, मूलचंद अस्‍पताल दिल्‍ली के अनुसार, अब तक 5-6 डिमाड आ चुकी हैं लेकिन जहां नार्मल डिलावरी है उन दंपति को हम समझा रहे हैं.

वैसे डॉक्टरों का यही मानना है कि इस तरह का क्रेज कई बार बच्चे और मां के लिए भी खतरा बन सकता है इसलिए डिलीवरी के समय के लिए डॉक्टर पर किसी भी तरह का दबाव नहीं डालना चाहिए. यदि संभव होगा तभी डॉक्टर आपकी बात मान सकते हैं.

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