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चिदंबरम केस में SC में बहस, सिंघवी ने दिल्ली HC की टिप्पणी पर किए सवाल

सुप्रीम कोर्ट में इसी मसले पर मंगलवार को भी सुनवाई हुई. सोमवार को पी. चिदंबरम के वकीलों ने दलीलें रखी थीं. मंगलवार को कपिल सिब्बल-अभिषेक मनु सिंघवी ने ईडी के हलफनामे का जवाब दिया. अब बुधवार को ईडी की तरफ से दलीलें रखी जाएंगी.

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पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम (फोटो क्रेडिट: ANI)
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम (फोटो क्रेडिट: ANI)

  • पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम पर ईडी का शिकंजा
  • आईएनएक्स मीडिया केस में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
  • सोमवार को दलीलें दे चुके हैं पी. चिदंबरम के वकील
  • बुधवार को फिर होगी मामले की सुनवाई

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता पी. चिदंबरम पर INX मीडिया केस में डबल शिकंजा कस रहा है. एक तरफ वह 30 अगस्त तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की हिरासत में हैं, तो वहीं दूसरी ओर इसी केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उनपर शिकंजा कसने की तैयारी में है. सुप्रीम कोर्ट में इसी मसले पर मंगलवार को भी सुनवाई हुई. सोमवार को पी. चिदंबरम के वकीलों ने दलीलें रखी थीं. मंगलवार को कपिल सिब्बल-अभिषेक मनु सिंघवी ने ईडी के हलफनामे का जवाब दिया. अब बुधवार को ईडी की तरफ से दलीलें रखी जाएंगी.

मंगलवार की सुनवाई यहां पढ़ें...

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03.13 PM: पी. चिदंबरम की तरफ से कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी की दलील खत्म हो गई है. अब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को दलीलें देनी हैं, लेकिन उन्होंने बुधवार को दलील शुरू करने को कहा है. ऐसे में मंगलवार की सुनवाई खत्म हो गई है. बुधवार को दोपहर दो बजे मामला सुना जाएगा.

03.03 PM: पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जमानत के लिए जिन मांगों को पूरा करना होता है, वह उसके लिए तैयार हैं. वो कहीं जा भी नहीं रहे हैं. ऐसे में मुझे गिरफ्तार क्यों किया गया है, एजेंसी ने सिर्फ उन्हें अपमानित करने के लिए गिरफ्तार किया है. अदालत में वकील ने कहा कि भाग जाने का रिस्क तो जबतक सामने नहीं आता है तबतक आतंक का मामला ना हो. अगर मामला सबूतों से छेड़छाड़ का हो तो अब वह सत्ता में नहीं हैं, ऐसे में क्या ही छेड़छाड़ कर पाएंगे. जब FIR ही 2017 में दर्ज हुई तो सबूतों से छेड़छाड़ का सवाल ही नहीं होता है.

02.40 PM: लंच के बाद एक बार फिर पी. चिदंबरम केस में सुनवाई शुरू हो गई है. पी. चिदंबरम की ओर से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में दिल्ली हाईकोर्ट के जजमेंट का जिक्र किया. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जज ने अपने जजमेंट में ‘ग्रेव’ (Grave) यानी गंभीर अपराध शब्द का इस्तेमाल किया है. उन्होंने कहा कि ग्रेव मामलों में डेथ पेनाल्टी है, या फिर सात साल की सजा है.

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अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में कहा कि वकील या जज की राय मायने नहीं रखती है, ऐसे में कानून ही काम करता है. उन्होंने कहा कि एजेंसी की तरफ से पिता और बेटे पर एक ही केस चलाया जा रहा है, पूछताछ और जांच का तरीका भी एक तरह का है. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि दोनों के रोल अलग हैं, ये केस एक ही नहीं है.

इसके बाद जस्टिस भानुमति ने पूछा कि क्या दोनों आरोपियों को लेकर जिस ट्रांजैक्शन की बात हो रही है, वो एक ही है. इस पर अभिषेक मनु सिंघवी ने जवाब दिया कि हां. सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि कार्ति चिदंबरम इस वक्त रेगुलर बेल पर हैं, ना कि अग्रिम जमानत पर.

01.01 PM: सुप्रीम कोर्ट की बेंच अब लंच के लिए उठ गई है. इस मामले में सुनवाई दोपहर दो बजे फिर शुरू होगी. आज इस मामले की सुनवाई दोपहर 3.45 तक ही चलेगी. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सपरे का आज फेयरवेल है, इसलिए सुनवाई जल्दी खत्म होगी.

01.00 PM: पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि आप ये नहीं कह सकते हैं कि वह सवालों से बच रहे हैं. इसलिए हम कह रहे हैं कि पूछताछ की ट्रांसक्रिप्ट कोर्ट में दीजिए. क्या ईडी लगातार एक जैसे ही सवाल बार-बार पूछेंगे. उन्होंने विदेशी खातों की जानकारी मांगी, लेकिन हमने कहा कि विदेश में खाता नहीं है. अब वो बार-बार वही सवाल पूछ रहे हैं. अगर उनके पास कोई सबूत है तो सामने रखना चाहिए.

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12.29 PM: अदालत में पी. चिदंबरम के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि ED के द्वारा कहा गया है कि FIPB ने अप्रूवल 2007 में दिया, रेवन्यू डिपार्टमेंट ने 2008 में नोट लिया. FIPB ने बाद में 2008 में क्लीयेरेंस लिया, लेकिन उससे पहले कुछ नहीं था. सिंघवी ने कहा कि ये केस शुरू से ही गलत चल रहा है.

कोर्ट में सिंघवी बोले कि FIR के मुताबिक केस 15 मई 2009 को रजिस्टर हुआ. इसके अलावा PMLA एक्ट भी जुलाई 2009 में शेड्यूल हुआ. कोर्ट में अभिषेक मनु सिंघवी PMLA एक्ट पर बहस कर रहे हैं. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि PMLA एक्ट तो कम से कम 30 की रिश्वत में रहता है, लेकिन इस मामले में तो 10 लाख की रिश्वत के आरोप लगे हैं. उन्होंने कहा कि जो कानून इसमें लगाया गया है वो कथित क्राइम होने के बाद बना है, ऐसे में ये गलत नीति है.

12.16 PM: पी. चिदंबरम की तरफ से कपिल सिब्बल ने कहा कि इससे पहले जो भी पूछताछ हुई हैं, उसकी ट्रांसक्रिप्ट कोर्ट के सामने रखी जानी चाहिए. इससे पहले दिसंबर 2018, दिसंबर 2019 में पूछताछ हुई थी. उन्होंने अदालत में कहा कि ED कोर्ट को बताए कि उन्होंने चिदंबरम को दस्तावेजों से कम्फ्रंट कराया या नहीं. चिदंबरम के वकील ने कहा कि आप ऐसे मामलों में PMLA नियमों के तहत जांच नहीं कर सकते हैं.

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12.09 PM: पी. चिदंबरम की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अगर आप पूछताछ में सवाल पूछ रहे हैं तो आरोपी ने क्या जवाब दिया, वो भी कोर्ट में बताना होगा. केस डायरी जो दिखाई जा रही है, उसमें ये शामिल होना चाहिए.

सिंघवी ने कहा कि आपातकाल के वक्त जब MISA के मामले होते थे, तब भी कोर्ट ने सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट की आलोचना की थी. इस दौरान उन्होंने एक केस का हवाला भी दिया.

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इससे कोर्ट को पता चल जाएगा कि चिदंबरम जांच में सहयोग कर रहे हैं या नहीं. क्योंकि जांच एजेंसियां आरोपी के पीठ पीछे से कुछ दस्तावेज़ चुपचाप कोर्ट में दाखिल कर उसे ही सबूत बता देती हैं. लेकिन हमारी न्याय प्रक्रिया में सिर्फ ऐसे दस्तावेज़ अपने आप मे सबूत नहीं हो सकते हैं.

12.04 PM: सुप्रीम कोर्ट में पी. चिदंबरम से जुड़े ईडी केस की सुनवाई शुरू हो गई है. सुनवाई के दौरान पी. चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि केस डायरी को अदालत में सबूत के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता है. इसके अलावा उन्होंने ईडी के द्वारा की गई पूछताछ की ट्रांसक्रिप्ट भी मांगी है. कपिल सिब्बल की तरफ से कहा गया है कि एजेंसी की तरफ से दस्तावेज अचानक लाए जा रहे हैं.

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इस खबर को क्लिक कर पढ़ें... ED के हलफनामे पर चिदंबरम का SC में जवाब- सभी संपत्ति वैध, आरोप गलत

सोमवार को जब कपिल सिब्बल, पी. चिदंबरम की ओर से दलीलें रख रहे थे तो उन्होंने ईडी पर कई तरह के आरोप लगाए. उन्होंने अदालत को कहा कि इनके पास कोई सबूत नहीं हैं, ना ही अभी तक कोई चार्जशीट दायर की है.

इसके अलावा कपिल सिब्बल की तरफ से कहा गया कि ईडी का हलफनामा हमतक पहुंचने से पहले मीडिया में था. साथ ही कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान अकाउंट के नाम पर ट्विटर अकाउंट की जानकारी मांगी जा रही है, क्या आपके पास ट्विटर अकाउंट है.

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने अपने एक हलफनामे में कई तरह के आरोप लगाकर पी. चिदंबरम की हिरासत मांगी है. इनमें विदेश में शेल कंपनियां, बैंक अकाउंट और कुछ ट्रांजैक्शन जैसे आरोप लगाए गए हैं, जिनको लेकर पूछताछ करने के लिए हिरासत मांगी गई है. वहीं, इसी मसले पर पी. चिदंबरम की ओर से अग्रिम जमानत की याचिका दायर की गई है.

आपको बता दें कि INX मीडिया केस में पद का दुरुपयोग करने के मामले में सीबीआई और ईडी दोनों ही एजेंसियों का पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम पर शिकंजा है. सीबीआई के द्वारा बड़े ही नाटकीय अंदाज में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें 26 अगस्त तक हिरासत में भेजे गए और सोमवार को सुनवाई के दौरान फिर उनकी हिरासत को 30 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया गया है.

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