प्याज उगाने वाले महाराष्ट्र के किसान नरेन्द्र मोदी से नाराज हो गए हैं. प्याज की कीमतें घटाने के सरकारी प्रयासों के खिलाफ वे प्रोटेस्ट कर रहे हैं. यह खबर इकोनॉमिक टाइम्स ने दी है.
पत्र ने लिखा है कि महाराष्ट्र की पार्टी स्वाभिमानी शेतकारी संगठन जो केन्द्र में बीजेपी की सहयोगी पार्टी है, इससे बहुत नाराज है और उसने नासिक जिले में केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रोटेस्ट किया. केन्द्र सरकार के कड़े रुख के कारण प्याजा के दाम नहीं बढ़ पा रहे हैं.
विधानसभा चुनाव के कारण महाराष्ट्र में सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं. शेतकारी संगठन का मानना है कि प्याज के दाम घटने से उसके समर्थकों को चोट पहुंचेगी. पार्टी के समर्थकों में किसान और कारोबारी हैं. उन लोगों को उम्मीद थी कि अक्टूबर में प्याज के दाम बढ़ेंगे और पिछले साल की तरह ही वे इस बार भी मोटी कमाई करेंगे. लेकिन केन्द्र सरकार की नरम आयात नीति के कारण दाम नहीं बढ़ पाए हैं. एक नतीजा हुआ कि प्याज ही नहीं बल्कि अनार के दाम भी नियंत्रण में रह गए हैं. अनार उत्तरी महाराष्ट्र में बहुतायत में होता है. उसके दाम गिर जाने से किसानों को धक्का लगा है.
शेतकारी संगठन के संस्थापक राजू शेट्टी सांसद हैं. उन्होंने कहा कि मैं हमेशा किसानों के साथ रहूंगा चाहे मैं सरकार में रहूं या नहीं. लेकिन उन्होंने कहा कि अभी कोई बड़ा कदम उठाने का वक्त नहीं आया है.
नासिक में प्रदर्शन कर रहे एक नेता ने कहा कि हमारी मांग है कि प्याज को सस्ता करने की बजाय उसका आयात बंद किया जाए और निर्यात खोला जाए. ग्राहकों से कहा जाए कि वे कम प्याज का उपभोग करें.