केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने आज बताया कि मुंबई बंदरगाह पर दो जहाजों के आपस में टकराने के बाद हुए तेल रिसाव पर काबू पा लिया गया है और 15 अगस्त तक बंदरगाह को पोत परिवहन गतिविधियों के लिए खोल दिया जाएगा.
रमेश ने संसद के दोनों सदनों में इस संबंध में स्वत: दिए गए बयान में बताया कि सरकार की सभी एजेंसियां तेल रिसाव के कारण हुई पर्यावरणीय तथा अन्य समस्याओं से निपटने में लगी हैं और आज बंदरगाह से समुद्र में तैर रहे कंटेनरों को हटाए जाने की संभावना है.
उन्होंने बताया कि सात अगस्त को कंटेनर जहाज एमएसी चित्रा और खालीजिया के बीच टक्कर हुई थी. इस टक्कर का कारण यह था कि दोनों जहाज अलग वीएचएफ चैनलों पर सूचना दे रहे थे. टक्कर के कारण एमएससी चित्रा के डैक पर रखे तीन कंटेनर समुद्र में बह गए. बताया गया कि इससे 200 लीटर हाइड्रोलिक तेल का रिसाव हुआ था.
रमेश ने बताया कि पोत के इर्द गिर्द कुछ तेल रिसाव है. पोत के तटरक्षक और तीन जेएनपी टग्स तटरक्षक के दिशा निर्देशों में विक्षेपण का छिड़काव कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पत्तन में किसी भी प्रकार का गैस रिसाव नहीं देखा गया है.
उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना के कारणों के संदर्भ में महानिदेशक (नौवहन) द्वारा जांच के आदेश दिए गए हैं और जांच चल रही है.