चित्रा से तेल का रिसाव तो रुक गया है, लेकिन, जहाजों की टक्कर से पैदा खतरा थमा नहीं है. इससे निपटने के उपायों पर सलाह मशविरा जारी है. प्रधानमंत्री ने इस हादसे के सिलसिले में रिपोर्ट मांगी है. कैबिनेट सचिव आज हालात की समीक्षा करेंगे, इसके बाद रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी जाएगी.
प्रधानमंत्री कार्यालय इस जानकारी से खासा चिंतित है कि जहाज पर कीटनाशक और कास्टिक सोडा जैसे खतरनाक केमिकल लदे थे. समुद्र में प्रदूषण फैलाने के लिए ये चीजें तेल के रिसाव से काफी ज्यादा खतरनाक हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अरब सागर में फैले तेल और केमिकल्स की सफाई में 45 दिन लग सकते हैं. हालांकि सरकार चाहती है कि यह काम 10 दिन में पूरा कर लिया जाए.
अच्छी खबर ये है कि जहाज से तेल का रिसाव अपने आप बंद हो गया लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि लीकेज फिर कभी भी शुरू हो सकता है.
सबसे चिंता की बात यह है कि जहाज से निकला 500 टन केमिकल और तेल उत्तर पश्चिम हवाओं के सहारे मुंबई की चौपाटियों की तरफ बढ़ रहा. हाईटाइड इस खतरे को और बढ़ा सकता है.
हालात को संभालने के लिए कोस्ट गार्ड लगातार ऑयल डिप्रेसेंटस का छिड़काव कर रहे हैं लेकिन अधिकारियों का मानना है कि तेल को साफ करने में कम से कम एक महीने लग जाएंगे. हालात संभालने के लिए नीदरलैंड और सिंगापुर के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है.
शनिवार को अरब सागर में हादसे के बाद जहाज चित्रा के 33 क्रू मेंबर्स को बचाकर निकाल लिया गया. समंदर में खतरों से खेलते कोस्ट गार्ड के जवानों ने जान पर खेलकर जहाज के क्रू को बचाया और सलामत निकाल लिया. उन्हें रबड़ की नावें मुहैया कराई गईं और जो लोग समुद्र में गिर गए, उन्हें भी खतरे से बचा लिया गया.