अपने कार्यकाल के दौरान मनमोहन सिंह जितने शांत रहे अब उन पर उतने ही मुखर होकर हमले हो रहे हैं. संसदीय मामलों के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने 2जी मामलें पर मनमोहन सिंह की भूमिका पर सवाल उठा दिया है.
कमलनाथ ने कहा है कि उन्होंने मनमोहन सिंह को इस मामले में चेताया था. उनकी ये चेतावनी सरकारी फाईलों में भी दर्ज है. कमलनाथ का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्व सीएजी विनोद राय ने तत्कालिन प्रधानमंत्री पर ये आरोप लगाया है कि अनियमितताओं से अवगत होने के बाद भी उन्होंने कुछ नहीं किया.
मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि सिंह सब जानते हुए कारवाई नहीं कर रहे थे. उन्हें रोक कौन रहा था, कहीं कांग्रेस के 2जी- राहुल जी और सोनिया जी तो नही. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सिंह का बचाव करते हुए कहा कि सीएजी की रिपोर्ट में मनमोहन सिंह के खिलाफ कुछ नहीं आया है इसलिए उन पर आरोप लगाने का कोई अर्थ नहीं है.
पूर्व सीएजी ने कांग्रेस प्रवक्ता संजय निरुपम पर आरोप लगाते हुए कहा कि निरुपम ने उन पर प्रधानमंत्री का नाम ऑडिट रिपोर्ट से बाहर रखने का दबाव बनाया था. निरुपम ने राय के दावे को गलत बताया. राय यूपीए सरकार के दौरान ताबड़तोड़ घोटाले उजागर करने वाले सीएजी के तौर पर जाने जाते हैं. राय ने मनमोहन सिंह के बारे में कहा कि वो सत्ता के बारे में चिंतित थे देश के बारे में नही. संजय बारू की किताब से किरकिरी करा चुकी कांग्रेस के लिए बुरी खबर ये है कि राय एक किताब भी लिख रहे हैं.