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नीतीश का तेजस्वी पर तंज- जो नहीं जानते संविधान का ;क ख ग', वो कर रहे बचाने की बात

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जिसे संविधान के क ख ग का पता नहीं है वो संविधान बचाने की बात करता है.

नीतीश कुमार (फाइल फोटो) नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

चुनावी सरगर्मियों में सत्ताधारी मंत्रियों और विपक्ष का एक-दूसरे पर वार-पलटवार का सिलसिला जारी है. इसी बीच जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जिसे संविधान का 'क ख ग' का पता नहीं है वो संविधान बचाने की बात करता है.

नीतीश कुमार ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन स्पष्ट्र तौर पर इशारा आरजेडी के युवा नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे तेजस्वी यादव पर है. नीतीश कुमार ने ये भी कहा कि आरक्षण के नाम पर लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पटना साहिब से एनडीए की ओर से बीजेपी उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित किया. इसमें उन्होंने एक बार फिर लालू-राबड़ी शासनकाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि हमने घर-घर बिजली पहुंचा दी है, अब अगर गलती से इन लोगों के हाथ में सत्ता गई तो बिजली काट देंगे, घर-घर लालटेन पहुंचा देंगे और आप लोग फिर बिजली के तार पर अपने कपड़े सुखाइएगा.

उन्होंने आरक्षण खत्म करने की बात पर तेजस्वी यादव का बिना नाम लिए तंज कसते हुए कहा कि लोग संविधान का 'क ख ग घ' नहीं जानते लेकिन बेवजह बात करते हैं. उन्होंने रविशंकर प्रसाद को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि वो पहले से ही चाहते थे कि रविशंकर प्रसाद यहां से चुनाव लड़ें और लोकसभा का सदस्य बनें. उन्होंने आगे कहा कि अगर आप रविशंकर प्रसाद को जिताते हैं तो मुझे वही खुशी मिलेगी जब आप मुझे वोट देकर जिताते थे.

चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भी नीतीश कुमार ने अपने द्वारा किए गए कामों का पूरा ब्योरा लोगों को दिया और  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी चलाई योजनाएं जन-जन तक पहुंच रही हैं और देश के साथ-साथ बिहार भी आगे बढ़ रहा है.

पूरे चुनाव के दौरान महागठबंधन का यही मुद्दा रहा था कि वो संविधान को बचाने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार को हटाना चाहते हैं क्योंकि यह सरकार संविधान बदलकर आरक्षण की नीतियों को बदल सकती है. नीतीश कुमार ने कहा, कोई भी संविधान को नहीं बदल सकता है और आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है और जो संविधान बचाने की बात करते हैं उन्हें संविधान के बारे में कुछ नहीं पता.

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