मोदी सरकार 2.0 के तहत आज (शनिवार) को नीति आयोग की पहली बैठक शुरू हो गई है. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में जारी इस बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और उप-राज्यपाल शामिल हुए हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेता बैठक में मौजूद हैं. इन दिनों बीजेपी से छत्तीस का आंकड़ा रखने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठक में शामिल नहीं हुई हैं.
ममता ने कहा था कि नीति आयोग के पास राज्यों की मदद के लिए वित्तीय शक्ति नहीं है. लिहाजा उसकी बैठक में हिस्सा लेने का कोई फायदा नहीं है. वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने साफ कर दिया कि वो विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करेंगे और इसके लिए वो पहले गृह मंत्री अमित शाह से मिल चुके हैं.
कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मोदी सरकार को अपने-अपने राज्यों की जरूरतों को लेकर घेरेंगे. इसकी रणनीति तय करने के लिए शुक्रवार शाम मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने दिल्ली स्थित आवास पर कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों को डिनर पर बुलाया था.
The agenda at the Fifth Governing Council Meeting of will focus on the internal security situation in the country with a specific focus on development in Left Wing Extremism (LWE) areas.
— NITI Aayog (@NITIAayog)
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक का एजेंडा तय हो चुका है. इसमें जल प्रबंधन, कृषि और सुरक्षा पर बात होगी. नक्सलवाद के मुद्दे पर भी चर्चा होगी. नीति आयोग की बैठक राष्ट्रपति भवन में शुरू हो चुकी है.
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में वित्त, गृह, रक्षा, कृषि, वाणिज्य और ग्रामीण विकास के मंत्री मौजूद हैं. इसके अलावा नीती आयोग के उपाध्यक्ष, सीईओ और सदस्य भी इस बैठक में शामिल हैं.
लेफ्ट विंग चरमपंथी पर भी होगी चर्चा
पूरी बैठक में 5 सूत्रीय एजेंडे पर चर्चा की जाएगी. इस एजेंडे में महत्वाकांक्षी जिला स्तरीय कार्यक्रमों, खेती किसानी में क्रांति, सुरक्षा संबंधित मुद्दे और वामपंथी उग्रवाद की चपेट में आए जिलों पर चर्चा की जाएगी. लेफ्ट विंग चरमपंथी ग्रुप अभी भी देश की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं.
शुक्रवार शाम को झारखंड के सरायकेला में बाइक सवार हमलावरों ने पेट्रोलिंग कर रही पुलिस की गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. पेट्रोलिंग कर रही गाड़ी में 6 पुलिसकर्मी सवार थे. जिसमें पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गए. इससे पहले चुनाव में भी ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं. ऐसे में इस पर भी चर्चा की जाएगी.