राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में बैठने की अनुमति देने के लिए एक परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा से अंडरगारमेंट्स हटाने को कहने के मामले में सीबीएसई ने केरल के एक स्कूल के प्राचार्य को माफी मांगने का आदेश दिया है. साथ ही अति उत्साह में उठाए गए इस कदम के लिए चार अन्य शिक्षकों को निलंबित कर दिया हैं. माफी के लिए निर्देश तब आया जब सीबीएसई के अध्यक्ष आरके चतुर्वेदी ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर से नई दिल्ली में मुलाकात की. केरल के चार शिक्षकों को भी निलंबित कर दिया गया. उनके कदम को सीबीएसई ने अति उत्साह में उठाया गया कदम बताया.
केरल के एर्नाकुलम के एक स्कूल के परीक्षा अधिकारियों के खिलाफ सात मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में नकल को रोकने के लिए सीबीएसई के कदमों के तहत एक छात्र के कमीज की बांह कटवाने को लेकर मामला दर्ज किया गया है. सीबीएसई अंडर ग्रेजुएट मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए देशभर में 1900 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन करती है. सीबीएसई ने हालांकि, सख्त ड्रेस कोड लागू करने के अपने फैसले का बचाव किया.
सीबीएसई की प्रवक्ता रमा शर्मा ने कहा, कन्नूर में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह प्रक्रिया में शामिल कुछ लोगों के जरूरत से ज्यादा उत्साह का परिणाम है. अनजाने में हुई इस गलती से छात्रों को जो परेशानी उठानी पड़ी उसके लिए बोर्ड को खेद है. शर्मा ने कहा कि प्राचार्य से उस छात्रा से माफी मांगने को कहा गया है जिससे अपनी ब्रा हटाने को कहा गया था.
परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के कमीज की लंबी बांहें काटने, उम्मीदवारों से जूता उतारने को कहने और एक छात्रा से अपनी जींस बदलने को कहने की खबरें आईं थीं. उस छात्रा की जींस में मेटल बटन वाले पॉकेट थे. हालांकि, केरल में एक छात्रा से अपनी ब्रा हटाने को कहने को लेकर काफी हंगामा हो गया है. इसकी गूंज केरल विधानसभा में भी सुनाई पड़ी और कन्नूर के चार शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया.