बहुचर्चित 2005 नेवी वॉर रूम लीक मामले में तीस हजारी कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया. तीस हजारी कोर्ट में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने रिटायर्ड कैप्टन सलम सिंह राठौड़ को सात साल की सज़ा सुनाई है.
सलम सिंह को 1923 के ऑफिशियल सीक्रेट के सेक्शन 3(1)C के तहत सजा सुनाई गई है. हालांकि, इस मामले में रिटायर्ड कमांडर जरनैल सिंह को बरी कर दिया गया है.
The 2005 Navy War Room leak case involves leaking of over 7,000 pages of defence sensitive information from the naval war room and air defence headquarters, where serving officers passed on military secrets to unauthorized persons for financial gain. https://t.co/B8xF7dhMqU
— ANI (@ANI) July 11, 2018
आपको बता दें कि 2005 में एक गोपनीय जांच के बाद नेवी वॉर रूम लीक का मामला सामने आया था. इसमें खुलासा हुआ था कि नेवी से संबंधित कई गोपनीय दस्तावेज और भविष्य की योजनाएं हथियार सप्लायर को लीक किए गए थे. इस मामले को 2006 में सीबीआई को सौंप दिया गया था. जिसके बाद सीबीआई ने हथियार बेचने वालों के साथ-साथ कई अधिकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था.
बीते शनिवार को इस मामले की सुनवाई हुई थी, जिसमें कोर्ट ने सलम सिंह राठौड़ को दोषी करार दिया गया था. सीबीआई की चार्जशीट में दावा किया गया था कि राठौड़ के पास 17 गोपनीय दस्तावेज मिले थे, जिनका सीधा संबंध नेवी से ही था.