scorecardresearch
 

नवजोत सिंह सिद्धू ने PM नरेंद्र मोदी और इमरान खान को लिखे खत, करतारपुर के लिए की ये मांग

Navjot Singh Sidhu letters to PM Modi and Imran khan पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने भारत और पाकिस्तान, दोनाें के प्रधानमंत्रियों को खत लिखे हैं. उन्होंने PM मोदी और पाकिस्तान के PM इमरान खान को खत लिखकर करतारपुर सा‍हिब कॉरिडोर के बारे में कई तरह की मांग और सुझाव रखे हैं.

Advertisement
X
नवजोत सिंह सिद्धू (फाइल फोटो: PTI)
नवजोत सिंह सिद्धू (फाइल फोटो: PTI)

पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों को खत लिखकर करतारपुर साहिब की 'पवित्रता' बनाए रखने की मांग की है. दोनों देश मिलकर सिखों के तीर्थयात्रा को आसान बनाने के लिए एक कॉरिडोर बना रहे हैं. रविवार को नवजोत सिद्धू ने दो पत्र लिखे, एक PM नरेंद्र मोदी को और दूसरा पाकिस्तान के PM इमरान खान को. सिद्धू ने इन खतों में प्रधानमंत्रियों को पांच सुझाव दिए हैं.

उन्होंने कहा है कि इस कॉरिडोर की 'पवित्रता' को बनाए रखने के लिए कॉन्क्रीट का कोई निर्माण नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने लिखा, 'करतारपुर साहिब और डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा साहिब की पवित्रता और शुद्धता हमारे तीर्थयात्रियों के कदमों का इंतजार करती है. लेकिन हमारे कदमों से इनके इतिहास, वास्तुकला और पारिस्थितिकी में क्षरण भी होता है. हम इस पवित्र भूमि का सबसे ज्यादा सम्मान करते हैं, तो हमें यह रास्ता आराम से बनाना चाहिए ताकि व्यावसायीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा के नाम पर इसको खराब न किया जा सके.'

Advertisement

उन्होंने दोनों नेताओं से मांग की है कि इस पवित्र भूमि की रक्षा हो और तीर्थयात्रियों के लगातार प्रवाह के बीच टिकाऊ और ऑर्गनिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाए, जैसे पानी का टिकाऊ इस्तेमाल. उन्होंने सुझाव दिया है कि तीर्थयात्रियों की 'आवाजाही' पर नियंत्रण हो और इस कॉरिडोर में गाड़ियों को चलने से रोका जाए, लोग पैदल ही जाएं और सिर्फ बुजुर्गों को वाहन इस्तेमाल करने की इजाजत हो.

सिद्धू ने अपने खत में लिखा है, 'हमें मुख्यत: पैदल ही जाना चाहिए, सिर्फ बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग लोगों को छूट मिलनी चाहिए. रास्ते में टॉयलट जैसी सुविधाएं होनी चाहिए. किसी भी कीमत पर लोगों को निजी वाहन ले जाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. वॉशरूम जैसी सुविधाएं देने के साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि 'कचरा निस्तारण' की व्यवस्था कायदे से लागू करना सुनिश्चित हो.' उन्होंने जोरदार तरीके से यह मांग की है कि प्लास्टिक बैग, बोतल, स्टीरोफोम, डिब्बाबंद खानपान के इस्तेमाल पर बिल्कुल रोक हो और तीर्थयात्रियों के लिए जगह-जगह लंगर की व्यवस्था हो.

सिद्धू ने अपने खत में लिखा, 'कचरा निस्तारण की व्यवस्था सावधानीपूर्वक तैयार कर लागू की जानी चाहिए. प्लास्टिक बैग, बोतल, पैकेज्ड फूड के कूड़े-कचरे के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए.'

क्या है करतारपुर साहिब कॉरिडोर

Advertisement

गौरतलब है कि पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक से लेकर पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब करतारपुर साहिब तक एक कॉरिडोर बनाने के लिए आधारशि‍ला रखी जा चुकी है. इससे पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने वाले भारतीय सिख श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत होगी. यह वही जगह है जहां सिखों के गुरु नानक देव ने जीवन के 18 साल गुजारे थे. यह कॉरिडोर करीब 5 किलोमीटर लंबा होगा. भारत में बनने वाला कॉरिडोर करीब 2 किलोमीटर का होगा, जबकि पाकिस्तान में भी 3 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण होगा. इस कॉरिडोर पर भारत की ओर से करीब 16 करोड़ रुपये और पाकिस्तान की ओर से करीब 104 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

Advertisement
Advertisement