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नरेंद्र मोदी के प्रचार अभियान से 'सियासी पारा' चढ़ा

जीत की हैट्रिक पूरी करने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी पूरे दमखम के साथ चुनावी रण के आखिरी दौर में उतर चुके हैं. रविवार को छुट्टी के दिन मोदी और बीजेपी के तमाम दिग्गजों सहित 26 नेता ताबड़तोड़ 56 रैलियों में अपनी अपनी पार्टी के लिए वोट मांगते नजर आएंगे.

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जीत की हैट्रिक पूरी करने के लिए पूरे दमखम के साथ चुनावी रण के आखिरी दौर में उतर चुके हैं. रविवार को छुट्टी के दिन मोदी और बीजेपी के तमाम दिग्गजों सहित 26 नेता ताबड़तोड़ 56 रैलियों में अपनी अपनी पार्टी के लिए वोट मांगते नजर आएंगे.

प्रचार में जुटे पार्टी के स्‍टार नेता
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस रविवार को 6 रैलियों को संबोधित करने जा रहे हैं, जबकि वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी, राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली, पार्टी सांसद नवजोत सिंह सिद्धू सहित पूर्व बीजेपी अध्यक्ष वैंकेया नायडू भी मोदी के पक्ष में रैली करने जा रहे हैं.

पीएम पद के लिए मोदी की दावेदारी मजबूत
इससे पहले प्रचार के लिए गुजरात पहुंची सुषमा स्वराज ने खुलेआम 2014 में प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी का समर्थन करके उनकी उम्मीदों को और परवान चढ़ा दिया है. बीजेपी के दूसरे नेता भी मोदी के कार्यकाल का जमकर बखान कर रहे हैं. शायद इन्हें भी लगने लगा है कि मोदी की दावेदारी की धमक ही 2014 लोकसभा चुनाव में पार्टी को सत्ता तक पहुंचाएगी.

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क्‍या है आडवाणी की राय?
हालांकि नरेंद्र मोदी के कान भी यह सुनने के लिए खड़े होंगे कि लालकृष्ण आडवाणी पीएम पद की दावेदारी पर उनके बारे में क्या बोलते हैं. वैसे अपनी पार्टी के दिग्गज नेताओं की वाहवाही सुनकर मोदी तो गदगद हैं. सियासी पंडितों को लगता है कि मोदी का अति आत्मविश्वास कहीं चुनावी नतीजों में उनके लिए ही आफत न बन जाए.

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