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214 साल पहले भी मुंबई ने झेला था एक ऐसा वीभत्स अग्निकांड

बॉम्बे अब मुंबई बन चुका है, लेकिन इस शहर के साथ अग्निकांड का पुराना नाता रहा है, और हर बार इसका दंश आम लोगों को झेलनी पड़ी है.

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मुंबई पब अग्निकांड मुंबई पब अग्निकांड

नव वर्ष के आगमन से 3 दिन पहले मुंबई के कमला मील्स इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने कम से कम 14 लोगों की जान ले ली और कई लोग घायल भी हो गए. यह आग आधी रात को लगी जिस पर सुबह जाकर काबू पाया जा सका.

मुंबई का अग्निकांड से पुराना और भयावह नाता रहा है. ऐसा ही एक भीषण अग्निकांड आज से 214 बरस पहले 1803 में तब के बॉम्बे में हुआ था जिसे आज मुंबई कहा जाता है.

हम आपको 'ग्रेट फायर ऑफ बॉम्बे' के बारे में कुछ बताएं, इससे पहले उस घटना की एक तस्वीर देखिए जिसे गजेटियर ऑफ बॉम्बे प्रेजिडेंसी के 391वें पेज पर रखा गया है, जो इस हादसे की वीभत्सता को बताता है.

क्या है 'ग्रेट फॉयर ऑफ द बॉम्बे'

214 साल पहले फरवरी, 1803 में हुए वीभत्स अग्निकांड ने बॉम्बे को बहुत नुकसान पहुंचाया. उस समय भी ब्रिटिश भारत के इस क्षेत्र में घनी आबादी रहती थी. अग्निकांड के बाद शहर का आंतरिक हिस्सा काफी बिगड़ गया और अंग्रेजों को अपने इस ठीकाने को फिर से ठीक करना पड़ा. तब बॉम्बे में ही ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्यालय एक पुराने किले में था जहां फैली आग ने इसकी दीवार को नुकसान पहुंचाया और गिर गई.

आग ने पुराने किले को अपने चपेट में ले लिया क्योंकि यह इलाका आवासीय और बाजार से घिरा हुआ था. घटना के बाद अंग्रेजों को समझ में आया कि इस शहर को संकरा नहीं छोड़ा जा सकता, इसका विस्तार किया जाना चाहिए.

आज हम जिस मुंबई को जानते हैं वो अरब सागर में फैले 7 छोटे-छोटे आईलैंड से मिलकर बना है. आज भी यह शहर अपनी आबादी लगातार के कारण लगातार संकरा होता जा रहा है. देश की सबसे घनी आबादी वाले शहरों में मुंबई भी शामिल है.

1996 में बॉम्बे का नाम बदलकर मुंबई कर दिया गया था.

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