कुछ समय पहले ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजॉन पर तिरंगे वाले डोरमैट बिकने का मामला सामने आया था. इस मुद्दे को लेकर भारत सरकार ने काफी कड़ा रुख अपनाया था. अब इस मामले को लेकर एक नया खुलासा हुआ है, कुछ दस्तावेजों से पता लगा है कि किस प्रकार मोदी सरकार इस मुद्दे को लेकर काफी सख्त हो गई थी.
दस्तावेज से पता चला कि भारत सरकार ने अमेरिकी कंपनी के खिलाफ निजी और सार्वजनिक तौर पर विरोध दर्ज किया था. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी ट्विटर पर कड़ा रुख अपनाते हुए अमेजॉन को फटकार लगाई थी, और प्रोडक्ट ना हटाने की स्थिति में उसके कर्मचारियों का वीज़ा बैन करने को कहा था.
Madam. Amazon Canada must be censured and warned not to sell India flag doormats. Please take action.
— Atul Bhobe (@atulbhobe)
रॉयटर्स के हवाले से पता चलता है कि को लेकर अमेरिका और कनाडा में भारतीय दूतावास को अमेजॉन के सामने इस मुद्दे को सख्त रूप से उठाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह मुद्दा अमेजॉन के सीईओ जेफ बेजोस तक पहुंचा था.
Amazon must tender unconditional apology. They must withdraw all products insulting our national flag immediately. /1
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
तीन साल की सजा का प्रावधान
गौरतलब है कि भारत में व्यापार की अधिक संभावनाओं के कारण अमेजॉन ने 5 बिलियन डॉलर का निवेश किया है. इसके बाद अमेजॉन ने भारत के राष्ट्रीय-ध्वज और उसके प्रतीकों से जुड़ें भारतीय का हिस्सा बना लिया है. आपको बता दें कि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने पर तीन साल की सजा होने का प्रावधान है.
मांगी थी माफी
जब यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, उसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेजॉन को कड़ी फटकार लगाई थी. हालांकि बाद में अमेजॉन इंडिया के उपाध्यक्ष अमित अग्रवाल ने भारत सरकार को चिट्ठी लिखकर माफी मांगी थी.